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दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र आज, इन मुद्दों पर हो सकता है हंगामा

Wed, 06 Jun 2018 02:38 PM IST
विजय सिंघल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर चर्चा के लिए बुधवार को शुरू हो रहा दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र भी हंगामेदार होने की संभावना है। आम आदमी पार्टी (आप) जहां इसी मुद्दे पर चर्चा पर जोर देगी।

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वहीं, विपक्ष भाजपा के विधायक राजधानी में बिजली, पानी की किल्लत व किसानों की समस्याओं पर बहस के लिए आवाज बुलंद करेंगे। ऐसे में तय है कि हर सत्र की तरह इस बार भी जमकर हंगामा होगा। दरअसल, आप की संख्या बल के आगे विपक्ष की आवाज दबकर रह जाती है।

दिल्ली सरकार ने तीन दिवसीय विशेष सत्र में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का प्रस्ताव पास करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को इशारा किया कि विधानसभा में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी।
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आप ने भाजपा को घेरने की जो रणनीति बनाई है उसमें, भाजपा नेता कालका दास द्वारा 1988 में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की उठाई मांग से लेकर भाजपा नेता मदनलाल खुराना, विजय कुमार मल्होत्रा, साहिब सिंह वर्मा, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पर निशाना साधा है।

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पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग रखेंगे

दिल्ली विधानसभा
दरअसल, इन सभी नेताओं ने समय-समय पर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में घोषणा पत्र में वादा किया था कि वे जीतने पर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देंगे।

आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी व दिल्ली से सातों सांसदों को घेरने के लिए आप सरकार ने जो रणनीति बनाई उसमें इन सभी से जवाब मांगा जाएगा कि आखिर उन्होंने पूर्ण राज्य का दर्जा क्यों नहीं दिलवाया। जनता को गुमराह क्यों किया?

वहीं, विधानसभा में कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि नहीं है लेकिन आप सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बयानों को आधार बनाने की तैयारी की है कि वे भी मानती हैं कि दिल्ली के पूर्ण विकास के लिए दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देना जरूरी है।

यह एक ऐसा मुद्दा है जिसका न तो भाजपा, न ही कांग्रेस खुलेआम विरोध कर सकती है। आप सरकार ने इसी का फायदा उठाते हुए उन्हें घेरने की तैयारी की है। उधर, विपक्ष में भाजपा के चार विधायक हैं और वे भी आप की चाल को समझ रहे हैं। ऐसे में उन्होंने बिजली, पानी व अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

स्पष्ट है कि बुधवार को सत्र शुरू होते ही भाजपा विधायक इन्हीं मुद्दों को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की चर्चा बाद में शुरू करने की आवाज बुलंद करेंगे और संख्या बल में आप के विधायक ज्यादा होने के कारण इन मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहेंगे। ऐसे में तय है कि सत्र हंगामेदार होगा। हो सकता है कि हर बार की तरह फिर भाजपा विधायकों को बाहर कर दिया जाए।
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