अदालत ने दिल्ली विधानसभा के स्पीकर रामनिवास गोयल समेत पांच आरोपियों को विवेक विहार के बिल्डर के घर में अनधिकृत प्रवेश कर मारपीट में छह माह कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपियों ने छह फरवरी 2015 को बिल्डर और भाजपा नेता के घर में जबरन घुसकर मारपीट की थी।
राउज एवेन्यू अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने रामनिवास गोयल, उनके पुत्र सुमित गोयल, हितेश खन्ना, अतुल गुप्ता और बलबीर सिंह को छह माह कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सुमित गोयल को मारपीट की धारा में भी एक माह कैद व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह दोनों सजा एक साथ चलेंगी।
फैसले को चुनौती देने के लिए अदालत ने दस-दस हजार रुपये के निजी मुचलके पर दोषियों को एक माह के लिए जमानत दी है। अदालत ने 11 अक्तूबर को इन सभी को दोषी करार दिया था। कोर्ट के समक्ष गोयल ने अपने वकील मोहम्मद इरशाद के जरिये खुद को बेकसूर बताया था।
शाहदरा से मौजूदा आप विधायक व उनके समर्थकों ने विवेक विहार स्थित बिल्डर मनीष घई के घर में घुसकर तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने घई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। दोषियों का कहना था कि घई के घर में शराब, कंबल और दूसरा सामान रखा था, जो विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को बांटा जाना था।
शिकायतकर्ता मनीष का आरोप था कि दोषियों ने उनके घर में अलमारी, ड्रायर, रसाई का सामान, खिड़कियां व शीशे तोड़ दिए थे। घर में रह रहे मजदूरों के साथ हाथापाई की थी। पुलिस ने सितंबर 2017 में सात लोगों के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र में कहा था कि घई को मजदूरों ने फोन कर बताया था कि कुछ लोग जबरन घर में घुस गए हैं और तोड़फोड़ कर रहे हैं। इनमें से दो लोगों को अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया था।
नेता प्रतिपक्ष ने मांगा गोयल का इस्तीफा
नेता प्रतिपक्ष विजेद्र गुप्ता ने विधान सभा अध्यक्ष राम निवास गोयल का इस्तीफा मांगा है। गुप्ता के मुताबिक, इसकी नैतिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की है। साथ ही आरोप लगाया कि आपराधिक मामले में लिप्त विधायक को विधान सभा अध्यक्ष बनाना केजरीवाल की आपराधिक गतिविधियों के प्रति नरमी का प्रतीक है। शेष कार्यकाल में गोयल द्वारा विधान सभा का संचालन अनैतिक होगा। ऐसी हालत में उनको इस्तीफा देना चाहिए।