दिल्ली की त्रिनगर विधानसभा सीट से जितेंद्र तोमर की विधायकी रद्द होने के बाद आम आदमी पार्टी ने इस बार उनका टिकट काट दिया है। पार्टी ने जितेंद्र तोमर की जगह उनकी पत्नी प्रीती तोमर को टिकट दिया है। मालूम हो कि इससे पहले सोमवार को भाजपा ने जितेंद्र तोमर का नामांकन रद्द करने की मांग उठाई थी।
हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर तोमर का नामांकन रद्द कराने की मांग को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त से मिला था। मालूम हो कि दिल्ली हाईकोर्ट ने हलफनामे में झूठी सूचना के कारण जितेंद्र तोमर की विधायकी रद्द कर दी थी।
प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल, अधिवक्ता ओम पाठक, प्रवक्ता हरीश खुराना, प्रदेश भाजपा विधि और विधायी विभाग संयोजक नीरज समेत कई नेता शामिल थे। मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 17 जनवरी को अपने निर्णय में उच्च न्यायालय ने जितेंद्र सिंह तोमर को अपनी शिक्षा को लेकर झूठी जानकारी देने का दोषी माना है।
अब वोट बैंक की लालच में आम आदमी पार्टी ने फर्जी डिग्री मामले में 2015 में गिरफ्तार हो चुके जितेंद्र सिंह तोमर को फिर से टिकट देकर निम्नस्तरीय राजनीति ही हद पार कर दी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा कि जितेंद्र सिंह तोमर को 2015 में दिल्ली सरकार में कानून मंत्री बनाया गया था। दिल्ली पुलिस ने फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार किया था।
इस वजह से कानून मंत्री के पद से तोमर को इस्तीफा देना पड़ा था। सब बातों की जानकारी के बावजूद 2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने टिकट दिया है। गोयल ने बताया था कि शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।