इसी प्रकार भाजपा ने भी चुनाव पूर्व सर्वेक्षण को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पार्टी का मानना है कि उसने चुनाव में काफी अच्छा काम किया है और जनता उसे बेहतर परिणाम देगी। वहीं, पोल्स में लगभग क्लीन स्वीप करती दिख रही आम आदमी पार्टी ने चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों का स्वागत किया है, लेकिन पार्टी ने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है।
कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि इसके पहले भी कई चुनाव सर्वेक्षणों में उन्हें बहुत कम करके आंका गया था, लेकिन असली चुनाव परिणामों में कांग्रेस ने काफी बेहतर प्रदर्शन किया है और इस बार भी यह ट्रेंड बरकरार रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके लगभग दो दर्जन उम्मीदवार काफी मजबूत लड़ाई लड़े हैं और 3 दर्जन के लगभग उम्मीदवारों ने अपने चुनाव क्षेत्र में काफी अच्छा मत प्रतिशत हासिल किया है। इसलिए कांग्रेस को सिर्फ 3 से 5 सीटों पर समेट देना किसी भी तरह से सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारे मत प्रतिशत को भी बहुत कम करके आंका जा रहा है। कांग्रेस अपने पुराने मत प्रतिशत से कहीं ज्यादा आगे बढ़कर प्रदर्शन करेगी।