दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर जोरदार रूप से सत्ता में वापसी की है। वहीं कांग्रेस पिछले चुनाव की तरह इस बार भी खाता नहीं खोल सकी है। इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल का लगातार तीसरी बार दिल्ली का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है।
विधानसभा चुनाव से करीब छह महीने पहले अरविंद केजरीवाल सरकार ने एक और दांव चलते हुए पानी के बकाया बिल माफ कर दिया था। इसके तहत 13.5 लाख उपभोक्ताओं को फायदा हुआ। 'आप' सरकार के इस फैसले से 10 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं का बिल पूरी तरह माफ हो गया। सीएम केजरीवाल ने ई, एफ, जी और एच कैटिगरी की कॉलोनियों में रहने वालों के सौ फिसदी बिल माफ करने का एलाना किया था। दिल्ली सरकार एक जनवरी 2014 से ही हर महीने 20 हजार लीटर पेयजल नि:शुल्क दे रही है।
दिल्ली सरकार ने एक अगस्त 2019 से 200 यूनिट प्रति माह बिजली मुफ्त में देने का वादा किया था। वहीं 201 यूनिट होने पर बिल देना पड़ता है। 201 से 400 यूनिट तक आधी सब्सिडी मिलती है। मान लीजिए आप 300 यूनिट बिजली का यूज करते हैं तो फिर आपको 150 यूनिट्स का ही बिल चुकाना होगा।
पानी और बिजली में आम लोगों को राहत के साथ ही ऑटो रिक्शा वालों को भी दिल्ली सरकार ने राहत दी थी। ऑटो-रिक्शा की फिटनेस पर लगाने वाले चार्ज को खत्म कर दिया और साथ ही रजिस्ट्रेशन फीस में 70 फीसदी तक की कटौती कर दी। यह बदलाव एक सितंबर से लागू किया था।
अरविंद केजरीवाल सरकार ने चुनावों से पहले दिल्ली में बसों में महिलाओं को फ्री सफर की सुविधा का भी एलान किया था। 29 अक्टूबर से महिलाओं को इस सुविधा का लाभ मिल रहा है।
दिल्ली सरकार ने 2020 में परीक्षा देने वाले 10वीं और 12वीं के छात्रों की सीबीएसई बोर्ड की फीस भी माफ करने का फैसला लिया था। सरकार ने आदेश दिया था कि यह फीस वह खुद भरेगी। सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और कॉरेस्पॉडेंस से पढ़ाई करने वाले छात्रों को यह सुविधा मिलेगी।
दिल्ली सरकार ने एक और बड़े चुनावी दांव के तहत मेट्रो में भी महिलाओं को फ्री सफर की छूट देने की वकालत की थी। हालांकि दिल्ली के इस प्रस्ताव से केंद्र सरकार सहमत नहीं हुई और अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका है।
दिल्ली के लोगों को फ्री वाईफाई का वादा करने वाली केजरीवाल सरकार ने 11,000 स्थानों पर ऐसी सुविधा का फैसला लिया।