प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तरकश से चुन-चुन कर तीर निकाले और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। मोदी न केवल सत्ता पक्ष की खामियों को गिनाया बल्कि दिल्ली की सत्ता में आने पर सरकार दिल्ली वालों को क्या देगी इसकी भी तस्वीर साफ की।
मोदी ने जहां दिल्ली वालों को देशहित में एकजुट होकर ताकत दिखाने की बात कही, वहीं सत्ता पक्ष के बारे में कहा कि ऐसी सरकार को सजा देनी चाहिए जो बयानों से दुश्मन को भारत पर वार करने का मौका देते हैं। सर्जिकल व एयर स्ट्राइक जैसे फैसले पर साक्ष्य मांगते है। सजा देने का काम दिल्ली वाले ही करेंगे। दिल्ली को उलझाने वाली नहीं सुलझाने वाली राजनीति चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गति के साथ काम कर रही है तो आप सरकार रोड़ा अटकाने का। आजादी के 70 साल बाद गरीब से गरीब को रहने के लिए पक्का घर दिया तो दिल्ली सरकार की विकृत मानसिकता ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू नहीं होने दिया। दिल्ली का विकास 21वीं सदी की अपेक्षाओं अकांक्षाओं ओर आवश्यकताओं के मुताबिक होना देश के लिए आवश्यक है।
मोदी ने कहा कि ऐसी सरकार चाहिए जो सीएए, अनुच्छेद 370, राष्ट्रीय सुरक्षा के फैसलों पर देश का साथ देने वाली हो न कि तुष्टिकरण के लिए लोगों को भड़काने वाली। सत्ता पक्ष अनधिकृत कॉलोनी में रहने वाले 40 लाख लोगों को घरों का अधिकार भूल सकते है, लेकिन यह भाजपा का दम है कि उन्हें अपना मकान व दुकान का हक दिलाया।
प्रधानमंत्री ने दुष्यंत को कहा सबसे बड़ा नेता
प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर मौजूद हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को सभा में सबसे बड़ा नेता कहकर संबोधित किया। इस पर भाजपा के शीर्ष नेताओं ने तालियां बजाईं।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि मौजूदा दिल्ली सरकार सर से पैर तक झूठ में डूबी है, उसने दिल्लीवासियों को छला है और लोगों को केंद्र की योजनाओं के लाभ से वंचित रखा है। दुष्यंत चैटाला ने कहा कि दिल्ली के लिए आगामी 48 घंटे अहम हैं, इस दौरान कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को केंद्र की ताकत को समझाएं।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि केन्द्र और एमसीडी में भाजपा सत्ता में है, बीच में दिल्ली सरकार विकास में रोड़ा बन रही है। दिल्ली के लोग 20 साल से रांग नंबर से दिल्ली के विकास का ताला खोल रहे हैं। साढ़े चार साल केजरीवाल एलजी और केन्द्र सरकार पर काम न करने देने का आरोप लगाते रहे। वह केवल मुसलमानों के साथ खड़े थे, चुनाव आया तो हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं।