यह पहली बार है कि जब किसी राजनीतिक दल ने फॉर्म 17-सी अलग वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। केजरीवाल ने कहा कि दिनभर में हर विधानसभा और हर बूथ का डाटा सूचीबद्ध कर पेश करेंगे, ताकि हर मतदाता तक इसकी जानकारी तक पहुंच सके। यह कुछ ऐसा है जो चुनाव आयोग को पारदर्शिता के हित में करना चाहिए था, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे ऐसा करने से इनकार कर रहे हैं।
वहीं, आप सांसद संजय सिंह ने एक्स पर कहा कि जो काम चुनाव आयोग नहीं कर पाया वह केजरीवाल ने कर दिया। इतना गणित तो 10वीं के छात्र को भी आता है कि वह तीन घंटे में जोड़कर बता सकता है कि दिल्ली में कुल कितने वोट पड़े हैं। आखिर चुनाव आयोग फॉर्म 17-सी अपलोड क्यों नहीं कर रहा है।