उम्मीदवार अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में उम्मीदवारों को अपने हर दिन के खर्च का पूरा ब्योरा रखना होगा। इस बार के चुनाव में उम्मीदवार 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकता है। जिला चुनाव अधिकारियों ने मार्केट डीलर्स, राजनीतिक पार्टियों और कंज्यूमर प्राइज इंडेक्स (सीपीआई) के साथ चर्चा कर दाम तय किए हैं।
अगर प्रचार के लिए उम्मीदवार को हाथी को किराये पर लेना है, तो इसके लिए 6,150 रुपये खर्च कर सकता है। इसी तरह ई-रिक्शा के लिए 757 रुपये खर्च करने होंगे। अगर एक पेन भी खरीदना है तो उसकी कीमत 6 रुपये तय है। साथ ही, चुनाव अधिकारियों ने टैंट, कुर्सी-टेबल के भी रेट तय किए हैं। 2000 लोगों की रैली के लिए उम्मीदवार 30,000 रुपये से ज्यादा खर्च नहीं कर सकेंगे। वहीं, 250 लोगों के साथ बैठक करने का बजट 6,150 रुपये है।