फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi Election Voting Percentage: 2008 से अबतक कितना रहा मतदान प्रतिशत, किसका कितना वोट शेयर

Sat, 08 Feb 2020 08:52 PM IST
Mohit Mudgal चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली विधानसभा चुनाव का मतदान प्रतिशत  - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान का समय खत्म हो गया है। हालांकि लाइन में लगे मतदाता वोट डाल रहे हैं। मतदान का समय खत्म होने के बाद दिल्ली चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रणबीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में 57.06 प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने कहा कि यह अस्थायी डेटा है क्योंकि अभी भी कुछ मतदान केंद्रों पर मतदान जारी है।
विज्ञापन


आइए आपको बताते हैं साल 2013, 2015 चुनाव में कितना वोट शेयर रहा था और इस दौरान और इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में किस पार्टी को कितने प्रतिशत वोट मिले थे। बता दें कि 2008 में कुल 57.58 फीसदी मतदान हुआ था। 
 
पार्टी 2013 2015
आम आदमी पार्टी 29.49% 54.03%
भाजपा 33.07% 32.02%
कांग्रेस 24.55% 9.07%
कुल मत प्रतिशत  65.63% 67.12%

2013 विधानसभा चुनाव

2013 विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP)को 30 फीसदी वोट मिले थे जो 2015 में बढ़कर 54 फीसदी हो गया। कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा और उसका वोट शेयर 40 फीसदी से घटकर 25 फीसदी पर आ गया।  कांग्रेस की सीटें 43 से घटकर 8 पर पहुंच गईं। 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 32, आप को 28, कांग्रेस को 8 और अन्य को दो सीटें मिली थीं। आप-कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई थी।  इन चुनावों में दिल्ली के 65.63 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट किया था। 

2014 लोकसभा चुनाव

2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 46 फीसदी था और उसने सातों सीटों पर कब्जा जमाया। 2019 लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने सभी सातों सीटों पर जीत हासिल की, लेकिन इस बार उसका वोट शेयर 56 फीसदी पहुंच गया। 

2015 विधानसभा चुनाव

2015 विधानसभा चुनाव में आप का वोट शेयर 24 फीसदी बढ़कर करीब 50 फीसदी हो गया। उसने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 67 सीटें हासिल कर विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया। कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा, उसे 10 फीसदी से भी कम वोट मिले और उसे एक भी सीट नहीं मिली। भाजपा महज तीन सीटों पर सिमट गई।  इन चुनावों में दिल्ली के 67.12 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट किया था।

2017 नगर निगम चुनाव

2015 में  कांग्रेस का वोट शेयर 10 फीसदी से भी कम पर पहुंच गया। लेकिन 2017 के नगर निगम और 2019 लोकसभा चुनाव में उसका वोट शेयर 20 फीसदी से ज्यादा रहा। दोनों चुनावों में आप को जबरदस्त झटका लगा। निगम चुनाव में आप को कांग्रेस ने तगड़ा नुकसान पहुंचाया। 2015 चुनाव में झटका खाने के बाद कांग्रेस ने जबरदस्त मेहनत करते हुए दमदार प्रदर्शन कर सभी को चौंका दिया। 

2019 लोकसभा चुनाव

2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-आप के बीच गठबंधन की कोशिश हुई लेकिन परवान नहीं चढ़ सकी। 15 साल तक कांग्रेस ने दिल्ली पर शासन किया था ऐसे में वह नंबर टू की हैसियत से चुनाव मैदान में नहीं उतरना चाहती थी। इसका उसे फायदा भी मिला। वह पांच लोकसभा सीटों पर दूसरे नंबर पर रही। आप दो सीटों पर नंबर दो पर आई। तीन सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई। भाजपा ने सातों सीटों पर कब्जा जमाया। 
विज्ञापन


कांग्रेस का वोट शेयर 22.5 फीसदी रहा। दो साल पहले हुए निगम चुनाव में आप का वोट शेयर 26 फीसदी था जो घटकर 18 फीसदी पर पहुंच गया। भाजपा ने वोट शेयर में 10 फीसदी का इजाफा किया और ये 46 से 56 फीसदी तक पहुंच गया। इस दौरान 70 विधानसभा सीटों में से 65 में भाजपा सबसे आगे रही जबकि बाकी पांच सीटों पर कांग्रेस आगे रही।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें