दिल्ली का शाहीन बाग, अब यह किसी परिचय का मोहताज नहीं है। सीएए के विरोध में यहां पर चल प्रदर्शन महज लोगों की भीड़ नहीं, बल्कि दिल्ली चुनाव का 'केंद्र' बन गया है। भाजपा इसे अपना प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाकर फ्रंट फुट पर खेल रही है तो वहीं 'आप' शाहीन बाग को लेकर बचाव की मुद्रा में है। कांग्रेस पार्टी शाहीन बाग के समर्थन में है, लेकिन वह खुलकर सामने आने की बजाए, पीछे से गुगली फेंकने की तैयारी में है। इन सबके बीच वीरवार की रात शाहीन बाग के लिए बहुत अहम रही जब शाहीन बाग ने फैसला किया, नहीं मैं आगे बढ़ूंगा।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, आप ने अपने एक विधायक के जरिए यहां चल रहे प्रदर्शन को अपने मुताबिक कमजोर करने का प्रयास किया। अभी तक एकजुटता के साथ जारी प्रदर्शन से प्रेसवार्ता करने की आवाज आई। सोशल मीडिया पर भी यह संदेश फैलने लगा कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी रास्ता देने को तैयार हैं। हो सकता है कि वे दूसरी जगह पर प्रदर्शन करें। रात करीब साढ़े 11 बजे शाहीन बाग से ही दूसरा संदेश चला कि हम प्रदर्शन खत्म नहीं कर रहे हैं।जैसा चल रहा है वह यूं ही चलता रहेगा।
जब से शाहीन बाग दिल्ली चुनाव का केंद्र बना है, तभी से हर राजनीतिक दल की निगाह इस ओर लग गई है। भाजपा के कई फायर ब्रांड नेता शाहीन बाग और जामिया को लेकर जो बयानबाजी कर रहे हैं, वह पार्टी का एजेंडा समझने के लिए काफी है। पार्टी का प्रयास है कि दिल्ली चुनाव शाहीन बाग के चारों ओर घूमता रहे। मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में केवल यही एक ऐसा मुद्दा है जो भाजपा की झोली में कुछ सीटें डाल सकता है।
दूसरी ओर आप है जो चाहती है कि यह प्रदर्शन खत्म हो जाए। वजह, प्रदर्शन खत्म होते ही आप का चुनावी एजेंडा दिल्ली के विकास मॉडल पर लौट आएगा और पार्टी को इसका बड़ा फायदा होगा। सूत्रों के अनुसार, आप नेता अमानतुल्लाह खान लगातार शाहीन बाग में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर इस प्रदर्शन को कमजोर करने या उसे दूसरी जगह शिफ़्ट कराने का प्रयास किया। वीरवार को इस बाबत सोशल मीडिया पर यह खबर आई कि शुक्रवार को 11 बजे शाहीन बाग के प्रदर्शन स्थल पर एक प्रेसवार्ता होगी। कई लोगों के मोबाइल बजने शुरू हो गए।
...और शाहीन बाग ने मना कर दिया, प्रदर्शन जारी रहेगा
आप से जुड़े कई दूसरे मुस्लिम नेताओं के परिजन भी शाहीन बाग में पहुंचकर बातचीत करने लगे। लोगों को दिक्कत के मद्देनजर प्रदर्शन को दूसरी जगह शिफ्ट कर लें, सड़क के बड़े हिस्से को खाली कर दें और सरकार से आश्वासन आधारित बातचीत शुरू की जाए। सूत्र बताते हैं कि जब यह बात फैलने लगी तो अधिकांश मुस्लिम परिवारों ने इसका विरोध कर दिया। हालांकि वहां पर भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ से जुड़े लोगों का भी कुछ दखल बताया गया। इनका प्रयास था कि यह प्रदर्शन खत्म न हो। यह निपटारा भी करीब एक घंटे में हो गया।
साढ़े 11 बजे के बाद प्रदर्शन स्थल से मैसेज दिया गया कि शाहीन बाग आगे बढ़ता रहेगा। न तो जगह बदलेगी और न ही कोई बातचीत। सरकार खुद आकर यहां भरोसा दे कि सीएए को लेकर जो बातें हो रही हैं, वे गलत हैं। इस बाबत कोई प्रेसवार्ता नहीं हो रही है। शाहीन बाग के प्रदर्शन में सभी लोग शामिल हैं। वे पूरी तरह एकजुट हैं। उनके बीच कोई खेमेबाजी नहीं है।दूसरी ओर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, कांग्रेस और वामपंथी दल इस प्रदर्शन को स्पोर्ट कर रहे हैं।