दिल्ली में वोटरों का जातीय समीकरण
ब्राह्मण वोटर- 12 फीसदी,
गुर्जर वोटर- 5 फीसदी,
यादव वोटर- 2 फीसदी,
पंजाबी खत्री वोटर- 10 फीसदी,
जाट वोटर- 7 फीसदी
राजपूत वोटर- 7 फीसदी
वैश्य वोटर- 8 फीसदी।
आप-भाजपा के बीच चुनौती
2015 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 67 सीट जीतकर एतिहासिक जीत दर्ज की थी। इन चुनावों में आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी चुनौती होगी कि वह अपनी कितनी सीटें बचा पाएगी।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी मुख्य रूप से अपने पांच सालों में किए गए काम पर वोट मांग रही है। उसका कहना है कि उसने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी हर क्षेत्र में काम किया है और जनता इस बार उन्हें उनके काम पर वोट देगी। आम आदमी पार्टी को विश्वास है कि जिस तरह उसने दिल्लीवासियों को 20000 लीटर मुफ्त पानी, मुफ्त सफर, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाएं दी हैं, जनता उन्हें दोबारा सत्ता में ले आएगी।
वहीं भाजपा कच्ची कॉलोनियों की रजिस्ट्री, पीएम मोदी के नाम और सीएए के मुद्दे पर वोट मांग रही है। भाजपा को यकीन है कि कच्ची कॉलोनियों की रजिस्ट्री का दाव उसके लिए फायदेमंद हो सकता है।