दिल्ली चुनाव प्रचार में अब करीब 24 घंटे का समय बचा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार को एक बार फिर जनता के सामने आए। उन्होंने दोबारा भाजपा को खुली बहस के लिए चुनौती दी।
केजरीवाल ने कहा कि भाजपा दिल्ली की जनता के सामने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का चेहरा रखना ही नहीं चाहती। जनतंत्र में ये जनता का अधिकार होता है कि उसे मुख्यमंत्री उम्मीदवार के बारे में जानकारी हो। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं है या वो दिल्ली की जनता को इसके बारे में बताना नहीं चाहती।
अरविंद केजरीवाल ने कहा जैसे मैं जनता से कह रहा हूं कि बीच में कोई भी उम्मीदवार हो उनका वोट सीधा मुझे सीएम बनाने के लिए जा रहा है। ऐसे ही भाजपा को दिया गया वोट किसके पास जा रहा है? अगर भाजपा किसी का चेहरा सामने नहीं लाती, तो भाजपा को दिया गया हर वोट गड्ढे में जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमित शाह बोल रहे हैं कि आप भाजपा को वोट दें,सीएम मैं बनाऊंगा। तो मैं अब अमित शाह को डिबेट के लिए चुनौती देता हूं। हर मुद्दे पर डिबेट होगी, दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि भाजपा ने क्या काम किया है? दिल्ली के लोग जानना चाहते हैं कि आपको फ्री सुविधा से क्या परेशानी है?आप शाहीन बाग की सड़क क्यों नहीं खुलवा रहे? मैं आंतकवादी कैसे हूं? भाजपा नगर निगम में है, वहां आपने क्या काम किए हैं? नगर निगम में स्कूलों-अस्पतालों में क्या काम किए गए हैं?
केजरीवाल ने कहा कि मैं अमित शाह जी को दिल्ली की जनता के सामने खुली बहस के लिए आमंत्रित करता हूं। एक एंकर आप हो, एक एंकर हमारा हो। बहस लोकतंत्र के लिए अच्छी है।