अन्ना आंदोलन के बाद जब अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी का गठन किया तो बहुत से लोग उनके साथ आ गए थे। इन्होंने आम आदमी पार्टी को आगे बढ़ाने का काम किया। 2013 और 2015 के विधानसभा चुनाव में यही वो टीम थी, जिसने दिल्ली के लोगों का मन भांपकर कांग्रेस व भाजपा जैसी राष्ट्रीय पार्टियों को पटकनी दे दी। यही वजह रही कि इस टीम को केजरीवाल की मास्टर टीम कहा जाता है।
तीन साल पहले तक यह टीम आप दफ्तर में लेपटॉप पर टिक टिक करती रहती थी। इन्हें पार्टी में बहुत से लोग जानते थे, लेकिन आम जनमानस के लिए ये चेहरे अन्जान थे। आज वही चेहरे विधानसभा में जाने के लिए आतुर हैं। इनमें दिलीप पांडे, दुर्गेश पाठक, राघव चड्ढा और आतिशी मार्लेना आदि का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है।
बता दें कि 2013 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की अभूतपूर्व जीत में दिल्ली यूनिट के पदाधिकारियों का अहम योगदान रहा था। उस वक्त इस टीम में 15 चेहरे थे, लेकिन सीधे तौर पर कहें तो दिल्ली यूनिट से जुड़े पांच पदाधिकारियों ने ही चुनाव की हर रणनीति तैयार की थी। दिल्ली चुनाव में भाजपा और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियों को धूल चटाने वाली आम आदमी पार्टी के इन रणनीतिकारों में दिलीप पांडे, दुर्गेश पाठक, राघव चड्ढा, आतिशी मार्लेना, आशीष तलवार, रिषिकेश और पंकज गुप्ता आदि शामिल रहे।
इनके अलावा टीम मुखिया के तौर पर अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, गोपाल राय, आशुतोष, दीपक बाजपेयी, आशीष खेतान, राकेश सिन्हा और रिचा पांडे मिश्रा सहित कई दूसरे नेता भी अपने काम में लगे रहे। इनके अलावा प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और आनंद कुमार जैसे कई बड़े चेहरे भी पार्टी के लिए काम कर रहे थे। इनमें से दिलीप पांडे, दुर्गेश पाठक, राघव चड्ढा, आतिशी मार्लेना, व आशीष तलवार ऐसे चेहरे थे, जिन्हें आम लोग नहीं जानते थे।ये सभी दिल्ली यूनिट के लिए काम करते रहे।
इन्होंने विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया से लेकर, विज्ञापन, बूथ प्रबंधन, चुनाव प्रचार और संगठन की गतिविधियों का बखूबी संचालन किया। अक्तूबर-2014 में भी केजरीवाल ने इसी टीम पर भरोसा किया। इस टीम ने महज साढ़े तीन माह में अपनी ठोस रणनीति के द्वारा आप को यह प्रचंड बहुमत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस टीम में आशुतोष भी थे। वे दिल्ली यूनिट के कन्वीनर थे। सचिव पद की जिम्मेदारी दिलीप पांडे को सौंपी गई।
दुर्गेश पाठक को सह-सचिव बनाया गया था। आशीष तलवार ने इस टीम में बतौर समन्वयक और प्रचार की रणनीति तैयार में खास भूमिका निभाई। आशीष खेतान ने दिल्ली डायलॉग की योजना तैयार की थी। खेतान और आशुतोष को 2014 में लोकसभा चुनाव का टिकट दिया गया। 2015 में दिल्ली की 35 विधानसभाओं का कार्यभार दिलीप पांडे और बाकी बचे क्षेत्रों की जिम्मेदारी दुर्गेश पाठक को सौंपी गई थी।
आशीष तलवार ने अरविंद केजरीवाल से लेकर पार्टी के सभी प्रत्याशियों और दूसरे पदाधिकारियों की जनसभाओं का खाका तैयार किया था। किस इलाके में पद यात्रा होगी या रोड शो, यह रणनीति भी तलवार ने ही तैयार की थी। आतिशी भी इसी टीम का हिस्सा रही।
दिलीप पांडे, आतिशी मार्लेना और राघव चड्ढा को इस साल लोकसभा चुनाव में भी पार्टी का टिकट दिया गया, लेकिन ये जीत नहीं सके। अब इन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट मिला है। केजरीवाल ने दुर्गेश पाठक को भी इस बार चुनाव मैदान में उतारा है।