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धीमी आंच पर क्यों पक रही कांग्रेस की सियासी खिचड़ी? 

Fri, 31 Jan 2020 03:59 PM IST
Mohit Mudgal अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली  
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कांग्रेस - फोटो : social media
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब केवल एक सप्ताह का ही समय शेष बचा है। भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी ने चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन इस चुनाव की एक महत्त्वपूर्ण खिलाड़ी कांग्रेस अभी भी प्रचार की गति नहीं पकड़ पाई है। पार्टी के शीर्ष नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अभी तक प्रचार से दूरी बना रखी है। पार्टी के स्टार प्रचारकों में भी अभी बहुत उत्साह नहीं दिखाई पड़ रहा है।

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नवजोत सिंह सिद्धू और शत्रुघ्न सिन्हा अभी तक लोगों के बीच नहीं पहुंचे हैं। यहां तक कि प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालते ही चुनावी सभाओं से दिल्ली को मथ कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने वाले सुभाष चोपड़ा भी अब शिथिल पड़ते दिख रहे हैं।  इससे कांग्रेस के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल बन रहा है। यह कांग्रेस की चुनावी गलती है, या जानबूझकर एक रणनीति के तहत ऐसा किया जा रहा है, इस बात को लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चा हो रही है।
 

भाजपा को रोकने की रणनीति

चर्चा है कि कांग्रेस आम आदमी पार्टी के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन करके उसके साथ खड़ी नहीं दिखना चाहती थी, इसी कारण से उससे गठबंधन नहीं किया गया। लेकिन भाजपा को रोकने के लिए उसने कई सीटों पर आम आदमी पार्टी को खुली छूट दे दी है। वोट काटकर वह अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को फायदा नहीं पहुंचाना चाहती थी। यही कारण है कि वह अपने कमजोर प्रत्याशियों के चुनावी क्षेत्र में पूरा जोर नहीं लगा रही है। जबकि कांग्रेस के जो प्रत्याशी मजबूत हैं और चुनाव में जीत सकते हैं, पार्टी ने वहां अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इन क्षेत्रों में आने वाले दिनों में शीर्ष नेताओं के रोड शो और रैलियां भी आयोजित की जायेंगी।

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इन सीटों पर जीत की ओर

कांग्रेस नेताओं का मानना है कि उसके कुछ प्रत्याशी काफी मजबूत चुनाव लड़ रहे हैं। गांधी नगर से अरविंदर सिंह लवली, सीलमपुर से मतीन अहमद, घोंडा से भीष्म शर्मा, कालका जी से शिवानी चोपड़ा, बल्लीमारान से हारून युसूफ, सीमापुरी से वीर सिंह धिंगान, मुस्तफाबाद से अली मेंहंदी काफी मजबूती से चुनाव  लड़ रहे हैं और ये कांग्रेस के लिए सीटें जीत सकते हैं। इनके आलावा ओखला से परवेज हाशमी, कोंडली से अमरीश सिंह गौतम, संगम विहार से पूनम आज़ाद, बादली से देवेंदर यादव, सुल्तानपुर माजरा से जय किशन, मंगोलपुरी से राजेश लिलोठिया और पटेल नगर से कृष्णा तीरथ भी अच्छा चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस के शीर्ष नेता और स्टार प्रचारक इन प्रत्याशियों के चुनाव क्षेत्रों में जाकर प्रचार करेंगे और इन्हें जिताने की कोशिश करेंगे।

 

कांग्रेस नेता ने किया बचाव

कांग्रेस नेता अनिल भारद्वाज ने अमर उजाला को बताया कि इस तरह का भ्रम वही लोग फैला रहे हैं जिन्हें यह डर है कि कांग्रेस के मजबूत होने से उन्हें नुक्सान होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी 70 सीटों पर मजबूती के साथ चुनाव लड़ रही है और विधानसभा चुनाव में जबर्दस्त वापसी करेगी। 

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