दिल्ली में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। चुनाव प्रचार अपने चरम पर है, सभी राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने पर लगे हुए हैं। सोमवार को भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं। वोट का प्रयोग सही तरह से करें और बुलेट पर बैलट भारी पड़े ऐसा होना चाहिए।
दिया था विवादित बयान
बता दें कि 27 जनवरी को रिठाला में चुनाव प्रचार के दौरान अनुराग ठाकुर ऐसी बात कह गए थे, जिससे उनकी मुसीबत बढ़ गई। उन्होंने भीड़ से नारा लगवाया- देश के गद्दारों को, गोली मारो...को'। इस बयान पर उन्हें चुनाव आयोग का नोटिस मिला। फिर तीन दिन के लिए उनपर पाबंदी भी लगा दी गई। स्टार कैंपेनर की सूची से भी उन्हें बाहर करने का आदेश चुनाव आयोग ने जारी किया।
आज लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों ने भी प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों ने वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का भारी विरोध किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, कांग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के निकट पहुंच गए।
कई सदस्यों ने 'लोकतंत्र बचाओ, भारत बचाओ’ और ‘नो सीएए-एनआरसी-एनपीआर’ के नारे वाली तख्तियां पकड़ रखी थीं। इस दौरान डीएमके, सपा, बसपा और राकांपा के सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर कांग्रेस सदस्यों का समर्थन करते नजर आए।
शोर शराबे के बीच प्रश्नकाल में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर जब पूरक प्रश्नों का उत्तर देने खड़े हुए तो कांग्रेस सदस्यों ने ‘अनुराग ठाकुर शेम शेम’ और ‘गोली मारना बंद’ करो के नारे लगाए। उन्होंने हमारा लोकतंत्र बचाओ’, ‘हमारा संविधान बचाओ’ और ‘हमारा भारत बचाओ’ के नारे भी लगाए।