वह उनसे मिलना चाहते थे और इसलिए उन्होंने विभिन्न माध्यमों के जरिए उनसे संपर्क साधने की कोशिश की। दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से संपर्क कर अपनी चाय की स्टॉल लगाने की इच्छा जताई। आखिरकार उन्हें सफलता मिल गई और आज उन्होंने स्टॉल लगा ली।
प्रफुल्ल बिल्लोर का कहना है कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने जनहित में बहुत सारे कार्य किए हैं। जिनसे वह काफी प्रभावित हैं। उन्होंने सरकार के कामकाज को चार तरह की चाय का नाम दिया है। पहला, शिक्षा वाली चाय। इसमें उन्होंने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार के किए गए कार्यों को शामिल किया है।
पिछले पांच साल में सभी सरकारी स्कूल अच्छे हो गए। स्कूलों में विश्वस्तरीय शिक्षक हैं। स्पोर्ट्स युनिवर्सिटी और स्कूलों में होने वाली मेगा पीटीएम के बारे में बताने की कोशिश की है। दूसरा, स्वास्थ्य वाली चाय। यह चाय हर व्यक्ति के स्वास्थ्य से जुड़ी है। अरविंद केजरीवाल सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं अच्छी कर दी है।
अस्पतालों में मुफ्त टेस्ट, सर्जरी और दवाइयां मिल रही हैं। जगह-जगह मोहल्ला क्लीनिक और पॉली क्लीनिक खोल गए हैं। इससे आम आदमी को काफी सहूलियत मिली है। तीसरा है स्पेशल चाय। यह चाय काफी खास है, जो आम आदमी के बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हुई है।
इससे हर व्यक्ति का सामना प्रतिदिन होता है। इसमें दिल्लीवासियों को मिल रही 200 यूनिट तक मुफ्त व सस्ती बिजली, 20 हजार लीटर प्रतिमाह मुफ्त व सस्ता पानी और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को शामिल किया है। इन सुविधाओं के मिलने से आम आदमी को आर्थिक रूप से मदद मिली है।
और चौथा, विकास वाली चाय। उन्होंने इस चाय के जरिए अरविंद केजरीवाल सरकार के किए गए विकास कार्यों को बताने की कोशिश की है। इसमें डोर स्टेप डिलीवरी, सीसीटीवी कैमरे, मुफ्त वाईफाई जैसे कार्यों को शामिल किया गया है।
प्रफुल्ल बिल्लोर का कहना है कि वह किसी पार्टी विशेष को सपोर्ट नहीं करते हैं, लेकिन जो अच्छा काम करता है, उसकी प्रशंसा करने से भी नहीं चूकते हैं। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में काम किया है। उनका काम जमीन पर दिख रहा है। किसी को बताने की जरूरत नहीं है। जमीन पर दिख रहे कार्यों की वजह से ही उन्होंने अहमदाबाद से आकर स्टॉल लगाने का फैसला किया।
अभी उनके 30 से 40 वालेंटियर और आने वाले हैं, जो सभी विधानसभाओं में एमबीए चायवाला स्टॉल लगाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कांग्रेस, भाजपा या अन्य कोई पार्टी बुलाती है, तो नहीं जाएंगे। वह तभी उनके लिए अपनी स्टॉल लगाएंगे, जब वे भी अरविंद केजरीवाल जी की तरह जमीन पर काम करके दिखाएं।
प्रफुल्ल का कहना है कि वह लोगों को मुफ्त में चाय बनाकर पिलाते हैं। इसके अलावा अन्य काई सामाजिक कार्य करते हैं। केरला में बाढ़ आई थी, तो उन्होंने काफी फंड दान दिया था। ब्लड डोनेशन कैंप लगाए थे। गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे देते हैं। उन्होंने एमबीए बीच में छोड़ कर चाय का ठेला लगाना शुरू किया था। अब वह देश में विभिन्न स्थानों पर जाकर चाय बनाकर पिलाते हैं।