शशि थरूर ने दिल्ली पुलिस पर जेएनयू में मारपीट करने वालों पर कार्रवाई नहीं करने और जामिया परिसर के अंदर बगैर इजाजत की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। दिल्ली के मुख्यमंत्री की तरफ इस कानून पर अपना मौन रहना, चुनाव से पहले की शांति है। लेकिन इसका उन्हें फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि दोनों पक्ष सीएम के इस रवैये को समझ गई है। सीएम होकर भी जब छात्रों के साथ हुई ज्यादती पर कुछ नहीं बोल रहे हैं तो उनसे क्या उम्मीदें की जा सकती हैं।
दीपिका का जेएनयू पहुंचना नहीं हो सकती है छपाक के बहिष्कार की वजह
जेएनयू में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के पहुंचने के बाद फिल्म छपाक के बहिष्कार पर शशि थरूर ने कहा कि वह फिल्म विश्लेषक नहीं हैं। लेकिन अगर देश का कोई भी नागरिक किसी मामले का समर्थन या विरोध करने वालों के पास जाता है तो इसे बहिष्कार का कारण नहीं बनाया जाना चाहिए। थरूर ने यह भी कहा कि देश के संविधान के हितों की रक्षा करने वालों के साथ पहले भी कांग्रेस थी और सीएए मामले में कांग्रेस का आगे भी यही रुख रहेगा।