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फेसबुक अधिकारियों को तलब करेगी दिल्ली विधानसभा समिति, भाजपा पर लगाया आरोप

Wed, 26 Aug 2020 05:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
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राघव चड्ढा - फोटो : ani
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दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सद्भाव कमेटी की बैठक मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में हुई। बैठक में फेसबुक के अधिकारियों के खिलाफ घृणा फैलाने वाले कंटेंट को जानबूझ कर नजरअंदाज करने की शिकायत पर चर्चा हुई। समिति के सामने तीन गवाहों ने उपस्थित होकर बयान दर्ज कराया कि दिल्ली दंगा के दौरान घृणित भाषण को बढ़ावा दिया गया।  विशेषज्ञ  के रूप में परांजॉय गुहा ठाकुरता और एमआर निखिल पाहवा ने आरोपों की जांच की।

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बैठक के बाद कमिटी के चेयरमैन राधव चड्ढा ने बताया कि कार्रवाई के दौरान सामने आया कि फेसबुक के कुछ आला अधिकारी भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं। घृणा फैलाने वाले कंटेंट जानबूझ कर अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म से नहीं हटा रहे हैं। यह बात द वॉल स्ट्रीट जर्नल में 14 अगस्त को प्रकाशित एक आर्टिकल में सामने आई थी। इससे संबंधित शांति एवं सद्भाव समिति को कई शिकायतें मिली है। चड्ढा ने कहा कि समिति ने फेसबुक के आला अधिकारियों को नोटिस भेज कर समन करने का निर्णय लिया है, ताकि उनका पक्ष सुना जा सके और उनका बयान दर्ज किया जा सके। 

दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सद्भाव समिति के चेयरमैन राघव चड्ढा ने प्रेस वार्ता में यह भी बताया कि कार्रवाई में मुख्य तौर पर तीन गवाह कमेटी के सामने आए, जिन्होंने अपना बयान दर्ज कराया। कमेटी ने उनसे कई सवाल-जवाब किए। जो तथ्य सामने आया उसमें फेसबुक और खास करके देश में फेसबुक के आला अधिकारी भाजपा के पक्ष में है। वॉल स्ट्रीट की आर्टिकल से संबंधित शिकायतें कमिटी के सामने आईं, तो कमेटी ने उसका संज्ञान लिया। 
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फेसबुक और भारतीय जनता पार्टी के बीच में सांठगांठ की जांच होगी
राघव चड्ढा ने कहा कि कमेटी के सामने जो गवाह आए उसमें डोमेन एक्सपर्ट थे जिन्होंने डिजिटल कंटेंट, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, साइबर फ्रीडम, इंटरनेट फ्रीडम और फेसबुक के ऊपर खास तौर पर अध्ययन किया है। कमेटी को सुझाव देने के लिए उन्हें निमंत्रण दिया था। एक्सपर्ट का मानना था कि फेसबुक एक तटस्थ मंच नहीं है। कई सबूत हैं जिससे यह साबित हो गया है कि फेसबुक निष्पक्ष नहीं है। फेसबुक व भाजपा का अपवित्र सांठगांठ है। कमेटी उसकी जांच करेगी। फेसबुक निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव पर प्रभाव डालता है। दंगा भड़काने वाला, आपसी दुश्मनी पैदा करने वाला, सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले कंटेंट को प्रमोट करता है। घृणा फैलाने वाला भाषण अपने प्लेटफार्म से नहीं हटाता है। खासतौर पर भाजपा के एक नेता का भी जिक्र हुआ। दंगों के कुछ ही घंटों पहले भाषण दिया था। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने हेट स्पीच कहा था। चुनाव लोकतंत्र की आत्मा0 है, जिसका हम दुनिया भर में गुणगान करते हैं। 

फेसबुक से ज्यादा खतरानाक वॉटसएप्प:परांजॉय गुहा ठाकुरता 
सदभावना कमेटी की बैठक में जब परांजॉय गुहा से पूछा गया कि दिल्ली दंगा भड़काने में फेसबुक पर वीडियों नहीं हटाने के लिए कितना जिम्मेवार है तो गुहा ने कहा कि फेसबुक से ज्यादा वाट्सएप्प इसके लिए जिम्मेवार है। क्योंकि वाट्सएप्प में यह पता होता है कि किसने वीडियो पोस्ट किया है। इसके साथ ही वाट्सएप्प ग्रुप पर एक साथ सौ से अधिक लोगों को मैसेज भेजा जा सकता है। राघव चड्ढा ने नाम लिए बगैर भाजपा नेता कपिल मिश्रा को भी कटघरे में खड़ा किया। दिल्ली दंगा के दौरान घृणित भाषण वाला वीडियो डालने का आरोप मढ़ा।

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