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बजट सत्र: AAP के विधायकों को चखना पड़ा बेइज्जती का स्वाद, गहलोत की मौजूदगी पर हो गया सदन में विवाद

Sat, 17 Mar 2018 10:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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budget session - फोटो : vivek nigam
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दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही। उपराज्यपाल अनिल बैजल का अभिभाषण शुरू होने से पहले विपक्ष ने दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत के सदन में मौजूद रहने पर आपत्ति जताई।

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विरोध करते हुए भाजपा विधायक बेल में जा पहुंचे। हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष ने चारों विधायकों को बाहर निकालने का आदेश मार्शल को दिया। विपक्ष की गैर-मौजूदगी में ही उपराज्यपाल ने सदन को संबोधित किया।

दोपहर बाद 2 बजे दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष ने फिर से विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि सदन में कैलाश गहलोत की मौजूदगी गैर-कानूनी है।

विजेंद्र गुप्ता का कहना था कि दिल्ली विधानसभा में 70 सदस्य हैं। 20 को आयोग ने अयोग्य करार दे दिया है, लेकिन मंत्री को सदन में शामिल होने की इजाजत देने से सदन के सदस्यों की संख्या 71 हो जाती है। फिर, गहलोत को शपथ विधायक रहते हुए दिलाई गई थी। ऐसे में जब वह विधायक नहीं रहे, तो मंत्री पद पर बने रहने का भी कोई तुक नहीं है।

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गहलोत की मौजूदगी पर खड़े हुए सवाल

budget session - फोटो : vivek nigam
विधायक एमएस सिरसा ने भी सवाल किया कि गहलोत को किस आधार पर सदन में प्रवेश करने की इजाजत दी गई है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने व्यवस्था दी कि गहलोत सदन में शामिल हो सकते हैं।

बशर्ते वह छह महीने में विधायक बन जाएं। इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम का हवाला दिया।
 
राम निवास गोयल के मुताबिक, अभिभाषण के दौरान विपक्ष के सदस्यों के हंगामे से उपराज्यपाल का अपमान हुआ है। सदन की गरिमा को भी क्षति पहुंची है।
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उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार की पीठ थपथपाई

budget session - फोटो : vivek nigam
छठी विधानसभा के सातवें सत्र की शुरुआत में उपराज्यपाल अनिल बैजल ने अपने अभिभाषण में दिल्ली सरकार की पीठ थपथपाई। उपराज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य व जलापूर्ति के क्षेत्र में किए गए कार्यों को गिनाया और आने वाले साल में इसका खाका भी तैयार किया।

उपराज्यपाल के मुताबिक, दिल्ली सरकार नागरिकों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। यही वजह है कि मौजूदा कीमतों पर दिल्ली की जीडीपी में 11.22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उपराज्यपाल ने बताया कि सरकार ने आम लोगों की दहलीज पर जनसेवाएं प्रदान करने की योजना शुरू करने का फैसला लिया है।

नेता प्रतिपक्ष ने अभिभाषण को बताया निराशाजनक
नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उपराज्यपाल के अभिभाषण को निराशाजनक बताया। गुप्ता के मुताबिक, बात-बात में केंद्र को कोसने वाली सरकार ने दिल्ली में जीडीपी की वृद्धि, प्रतिव्यक्ति आय में वृद्धि तथा जीएसटी का सफल क्रियान्वयन केंद्र के प्रयासों के सुखद परिणामों को स्वीकारा।

वहीं, इसमें आउट-कम व ग्रीन बजट की झलक नहीं मिलती। गुप्ता ने आरोप लगाया कि पूरा भाषण दिल्ली सरकार के झूठ, असफलताओं, अनियमितताओं व कुशासन का ब्योरा भर है। 
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