राजधानी में वायु गुणवत्ता की स्थिति में सुधार नहीं आ रहा है। हर तरफ स्मॉग की मोटी चादर छाई है। लोग इस प्रदूषण में सांस लेने को मजबूर हैं। साथ ही, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी बढ़ने लगी हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक शनिवार को एक बार फिर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 412 दर्ज किया गया। इसमें गुरुवार के मुकाबले 19 सूचकांक की वृद्धि हुई है, जोकि गंभीर श्रेणी है। दो दिन बाद फिर हवा दमघोंटू हो गई है। वजीरपुर, जहांगीरपुरी, आनंद विहार सहित 18 इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है। यह आलम तब है जब पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू है। लेकिन, इसका भी कोई असर नहीं दिख रहा है।