जांच के बाद प्रोफेसर डॉ अमित किशोर (सीनियर कन्सलटेन्ट सर्जन, ईएनटी), डॉ वीनसरावत (रजिस्ट्रार) की टीम ने ओपन चेस्ट सर्जरी के द्वारा ट्यूमर को निकाला, और सुनिश्चित किया गया कि दिल की वैसल्स से बहुत ज्यादा ब्लीडिंग न हो।
डॉ. सुरेश सिंह नरूका ने कहा कि हमने ट्यूमर निकालने के लिए रेट्रो स्टर्नल हेमी थॉयराइडेक्टोमी सर्जरी करने का फैसला लिया। इस तरह की सर्जरी बहुत दुर्लभ और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होती है, इसमें सर्जनों और विशेषज्ञों की टीम को एक साथ मिलकर आपसी तालमेल में काम करना होता है।
सर्जरी के दूसरे दिन मरीज को छुट्टी दे दी गई और अब वह अपने देश लौटने की योजना बना रहीं हैं।