उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सकों ने सोमवार को सामूहिक आकस्मिक अवकाश ले लिया है। डॉक्टरों के इस कदम के बाद तीनों नगर निगम के मेयर मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि दिल्ली सरकार उनका फंड रिलीज करे ताकि वह डॉक्टरों का वेतन दे सकें।
धरने पर बैठे मेयरों का कहना है कि हम यहांं 11 बजे से बैठे हैं लेकिन हमें अब तक किसी ने मिलने का समय नहीं दिया है। उत्तरी दिल्ली के मेयर जय प्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री को हमसे मिलना चाहिए और 13000 करोड़ के फंड के निस्तारण के बारे में बताना चाहिए। तीनों मेयरों का कहना है कि या तो मुख्यमंत्री हमें मिलने के लिए बुलाएं या फिर हम यहीं बैठेंगे और यहां से नहीं हिलेंगे।
आईएमए ने निगम से डॉक्टरों का वेतन देने की मांग की
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन(आईएमए) ने सोमवार को हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों की दुर्भाग्यपूर्ण हालत देखकर दिल्ली नगर निगम को इस विषय में गंभीर कार्रवाई करने को कहा है। आईएमए ने एमसीडी को डॉक्टरों की सैलरी जल्द से जल्द देने की मांग की है।
तीनों निकायों के डॉक्टर सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर गए
वहीं डॉक्टरों के सामूहिक आकस्मिक अवकाश के चलते नगर निकायों द्वारा संचालित अस्पतालों में चिकित्सकों के लंबित वेतन को लेकर संकट और गहरा गया है। म्युनिसिपल कॉरपोरेशन डॉक्टर्स एसोसिएशन (एमसीडीए) के अध्यक्ष आर आर गौतम ने कहा, अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो कल से हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
एमसीडीए ने शनिवार को धमकी दी थी कि अगर पिछले तीन महीने का बकाया वेतन जारी नहीं किया गया तो उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) अस्पतालों के उसके सदस्य सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेंगे।
संस्था ने हाल में एक बयान जारी कर अपने बकाए वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हिंदूराव अस्पताल और कस्तूरबा अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ एकजुटता व्यक्त की थी। दोनों ही अस्पताल एनडीएमसी द्वारा संचालित किए जाते हैं।