इंदिरा गांधी अंतररारष्ट्रीय एयरपोर्ट हमारे देश की शान है। यह पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर काम करने वाला एयरपोर्ट है। इसकी क्षमताओं में जल्द ही और निवेश कर विस्तार किया जाएगा। इस एयरपोर्ट से हर साल दस करोड़ यात्रियों के आवागमन की सुविधा होगी। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने ये बातें कहीं। उन्होंने द इकोनॉमिक इम्पैक्ट ऑफ देल्ही एयरपोर्ट और एयरपोर्ट की दस साल की यात्रा पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण भी किया।
उपराष्ट्रपति भवन के सरदार बल्लभ भाई पटेल सभागार में हुए समारोह में वेंकैया नायडू ने कहा कि ये योजनाएं हमारे आर्थिक विकास की चाबी हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने इस दौरान कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट से इस साल के अंत तक सात करोड़ यात्रियों के आवागमन का अनुमान है। यह संख्या 2020 तक 11 करोड़ के पार होगी। इसे ध्यान रख इस एयरपोर्ट पर रनवे व टर्मिनल की संख्या में भी इजाफा करना होगा। यह एयरपोर्ट प्रत्यक्ष तौर पर एक लाख और अप्रत्यक्ष तौर पर पांच लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराता है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा कि जीएमआर ग्रुप ने दिल्ली के एयरपोर्ट की गुणवत्ता व सेवा दोनों में विस्तार किया है।
जीएमआर ग्रुप के चेयरमैन जीएम राव ने कहा कि भारत की जीवीए (ग्रॉस वेल्यू एडेड) में दिल्ली एयरपोर्ट का बड़ा योगदान है। 2026 तक एयरपोर्ट परोक्ष व प्रत्यक्ष तौर पर करीब 40 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराएगा। इस दौरान नागर विमानन सचिव आरएन चौबे, जीएमआर एयरपोर्ट लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक आई प्रभाकर राव, डायल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विदेह कुमार जयपुरिया आदि भी मौजूद थे।