दूसरी ओर, एनसीआर में दिल्ली के बाद नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 366 दर्ज किया गया, यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, गुरुग्राम में 331, गाजियाबाद में 360 और ग्रेटर नोएडा में 332 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 234 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 17.32 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 7.93, आवासीय इलाकों से 4.30, निर्माण गतिविधियों से 2.26 कूड़ा जलाना 1.54 और रोड से उड़ने वाली धूल से 1.20 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, सोमवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 900 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 3200 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 301.5 और पीएम2.5 की मात्रा 177.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।
वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बुधवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, खुजली, सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, सोमवार को कई इलाकों में गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में हवा दर्ज की गई।