दिल्ली एनसीआर में दिल्ली के बाद गुरुग्राम की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 106 दर्ज किया गया, जोकि मध्यम श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में एक्यूआई सबसे कम दर्ज हुआ।
राजधानी में मौसम के बदले मिजाज के कारण वायु मध्यम श्रेणी में बरकरार है, ऐसे में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 129 दर्ज किया। यह हवा की मध्यम श्रेणी है। इसमें बृहस्पतिवार की तुलना में 10 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि सोमवार तक हवा मध्यम श्रेणी में ही बरकरार रहेगी, ऐसे में लोगों को प्रदूषित हवा से कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना है।
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शुक्रवार को हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से 16 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली। शनिवार को हवा उत्तर-पूर्व दिशा से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती है। रविवार को हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने का अनुमान है। इसके अलावा, सोमवार को हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती है।
सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली एनसीआर में दिल्ली के बाद गुरुग्राम की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 106 दर्ज किया गया, जोकि मध्यम श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में एक्यूआई सबसे कम दर्ज हुआ। यहां सूचकांक 75 रहा, जोकि संतोषजनक श्रेणी में है। इसके अलावा, नोएडा में 79 और ग्रेटर नोएडा में 76 एक्यूआई दर्ज किया गया।
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ग्रैप एक की पाबंदियां खत्म
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार होने के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) 1 के तहत लागू पाबंदियों को हटा दिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने राजधानी में शुक्रवार को साफ हवा के कारण यह निर्णय लिया। ग्रेप के पहले चरण के तहत सड़क किनारे भोजनालयों, होटलों व रेस्तरां में कोयले के इस्तेमाल पर रोक थी, लेकिन अब ये दोबारा शुरू हो जाएंगे।
आयोग की उप-समिति की रविवार को बैठक हुई। इसमें दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। पिछले दो दिनों से लगातार हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है। इसलिए अब ग्रेप-वन के प्रावधानों को भी हटाने का फैसला किया गया। इस तरह अब दिल्ली और एनसीआर से ग्रेप के सभी प्रतिबंध पूरी तरह से हट गए हैं।