उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि पूरा उत्तर भारत प्रदूषण की चपेट में है। सर्दियों में गैस का चैंबर बनने की आशंका है। उन्होंने बताया कि दिल्ली का प्रदूषण घरेलू नहीं है। यहां पड़ोसी राज्यों में फसलों का अवशेष जलाने से बड़ी समस्या पैदा हो रही है। सिसोदिया ने कहा कि अध्ययन बताते हैं कि दिल्ली में प्रदूषण का 70 फीसदी हिस्सा बाहर से आता है। इसकी बड़ी वजह पराली है।
सिसोदिया ने बताया कि बीते सालों की तुलना में इस साल अभी तक प्रदूषण का स्तर बेहतर रहा है। यह दिल्ली में ग्रीन बजट, मेगा पौधरोपण अभियान, जागरूकता अभियान का असर है। इसके अलावा पर्यावरण विभाग की ओर से लगातार की जा रही निगरानी है। मगर एक बार फिर पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली के चलते दिल्ली की आबोहवा खराब हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि इस दिशा में तत्काल कदम उठाया जाए।
सिसोदिया के मुताबिक, दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए बीते साल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद चंडीगढ़ जाकर हरियाणा के मुख्यमंत्री से मिले थे। उस वक्त कहा गया था कि 2018 में ऐसा नहीं होगा। लेकिन अब तक हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। कारगर योजना न होने से किसानों को मजबूरन पराली जलाना पड़ रहा है।