सफर ने बताया कि बारिश में प्रदूषक तत्वों के बह जाने से बुधवार और बृहस्पतिवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता में महत्त्वपूर्ण सुधार देखा गया। लेकिन बारिश खत्म होते ही हवा में प्रदूषक तत्त्वों को धारण करने की क्षमता बढ़ने के कारण शुक्रवार को प्रदूषण स्तर फिर से बढ़ गया।
सफर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि हवा की गति तेज है लेकिन नमी के कारण हवा की प्रदूषक तत्त्वों को धारण करने की क्षमता भी अधिक है, जो प्रतिकूल व नुकसानदेह है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में पराली जलाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसका दिल्ली के प्रदूषण में 8 से 10 प्रतिशत तक का योगदान है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक में शून्य से 50 अंक तक हवा की गुणवत्ता को ‘‘अच्छा’’, 51 से 100 तक ‘‘संतोषजनक’’, 101 से 200 तक ‘‘मध्यम व सामान्य’’, 201 से 300 के स्तर को ‘‘खराब’’, 301 से 400 के स्तर को ‘‘अत्यंत खराब’’ और 401 से 500 के स्तर को ‘‘गंभीर’’ श्रेणी में रखा जाता है।