नासा की ओर से ली गई तस्वीरों के मुताबिक हरियाणा और पंजाब में पिछले 10 दिनों में जलाई गई पराली से धुएं का स्तर भी काफी बढ़ गया है। इसके कारण अमृतसर, अंबाला, करनाल, सिरसा और हिसार की भी वायु गुणवत्ता काफी प्रभावित हुई। पंजाब और हरियाणा की ओर से आने वाली हवाओं के प्रभाव से दिल्ली की वायु गुणवत्ता के और खराब होने के आशंका जताई जा रही है।
सीबीसीबी ने इसी के मद्देनजर प्रदूषण से निपटने के लिए सोमवार से इमरजेंसी एक्शन प्लान लागू करने की बात कही है। ताकि दिल्ली के लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
ये हैं वायु गुणवत्ता के मापदंड
एक्यूआई इंडेक्स के मुताबिक वायु गुणवत्ता का 0-50 का आंकड़ा सांस लेने के लिए बेहतर माना जाता है। 51-100 के बीच का आंकड़ा संतोषजनक, 101-200 के बीच का आंकड़ा संयमित, 201-300 के बीच का आंकड़ा खराब, 301-400 के बीच का आंकड़ा बेहद खराब और 401-500 के बीच का आंकड़ा खतरनाक की श्रेणी में आता है।