फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली वालों के लिए राहत की खबर: 10 साल में 24 अक्तूबर को दर्ज हुई सबसे साफ हवा, जानें कैसे हुआ ये सब मुमकिन

Sat, 24 Oct 2026 09:02 PM IST
विकास कुमार पीटीआई, नई दिल्ली

सार

सरकार प्रदूषण के स्रोतों पर कड़ी नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस प्रणालियों, सीसीटीवी निगरानी और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग से लैस इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए प्रदूषण स्रोतों को ट्रैक किया जा रहा है।
 
विज्ञापन
दिल्ली में वायु प्रदूषण का हाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा में बड़ा सुधार देखने को मिला है। दिल्ली सरकार के अनुसार, शनिवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 191 दर्ज किया गया, जो कोविड काल को छोड़कर पिछले एक दशक में 24 अक्तूबर के लिए सबसे कम है। यह एक्यूआई मध्यम श्रेणी में आता है।

विज्ञापन

 

Trending Videos

पिछले वर्षों के आंकड़े
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों में 24 अक्तूबर को वायु गुणवत्ता की स्थिति इस प्रकार थी-
24 अक्तूबर 2024: 306 (खराब श्रेणी)
24 अक्तूबर 2025: 275 (खराब श्रेणी)
24 अक्तूबर 2026: 191 (मध्यम श्रेणी)

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस सुधार का श्रेय प्रवर्तन, निरंतर निगरानी और जनभागीदारी के माध्यम से प्रदूषण से निपटने के सरकार के प्रयासों को दिया है।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम
सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ अपने अभियान को 'वॉर मोड' में जारी रखते हुए कार्रवाई की है। नियमों का उल्लंघन करने पर लगभग 9,883 वाहन चालान जारी किए गए। धूल को नियंत्रित करने के लिए 2,810 किलोमीटर लंबी सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग (मशीन से सफाई) की गई और 1,075 किलोमीटर क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया गया।

कचरा एवं मलबा प्रबंधन
कुल 12,702 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया, 2,223 मीट्रिक टन निर्माण और विध्वंस कचरा उठाया गया, तथा 168 मीट्रिक टन सड़क की धूल एकत्र की गई।
अनधिकृत गतिविधियों और धूल नियंत्रण मानदंडों की जांच के लिए 160 निर्माण स्थलों और प्लॉटों का निरीक्षण किया गया।

तकनीकी निगरानी और प्रशासन की भूमिका
सरकार प्रदूषण के स्रोतों पर कड़ी नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस प्रणालियों, सीसीटीवी निगरानी और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग से लैस इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए प्रदूषण स्रोतों को ट्रैक किया जा रहा है।

समीक्षा बैठकें
जिला मजिस्ट्रेट और संबंधित विभागों के अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण उपायों का आकलन करने और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा बैठकें कर रहे हैं।
विज्ञापन

नागरिकों से अपील
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली के निवासियों से अपील की है कि वे कचरा जलाने से बचें, कचरे का जिम्मेदारी से प्रबंधन करें और प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि हवा की गुणवत्ता में इस सुधार को बनाए रखने के लिए निरंतर जनसहयोग बेहद आवश्यक है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें