राजधानी में तेज हवाओं ने प्रदूषण को धो दिया है। हालांकि बुधवार को फिजा खराब श्रेणी में ही रही। ऐसे में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 289 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें मंगलवार की तुलना में 33 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनसीआर में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 298 दर्ज हुआ। यह हवा की खराब श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में 276, नोएडा में 288 और गुरुग्राम में 294 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 217 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 16.36 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 13.30, आवासीय इलाकों से 4, निर्माण गतिविधियों से 2.17 और कूड़ा जलाने की 1.5 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 16 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1200 मीटर रही।
इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 5300 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, शाम चार बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 204.4 और पीएम2.5 की मात्रा 119.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बृहस्पतिवार को हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद जागा सीएक्यूएम, एनफोर्समेंट टास्क फोर्स की हुई 123वीं बैठक
सुप्रीम कोर्ट की मंगलवार को लगाई गई फटकार के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) हरकत में आया है। ऐसे में आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए आयोग की एनफोर्समेंट टास्क फोर्स (ईटीएफ) की 123वीं बैठक की। इसके अंदर सरकार और प्रशासन की ओर से वायु प्रदूषण पर काबू पाने के तमाम दावों की पोल खोली। बैठक में सड़क की धूल पर विशेष ध्यान देते हुए डीडीए, पीडब्ल्यूडी, एमसीजी और नोएडा अथॉरिटी के क्षेत्रों में 400 सड़क हिस्सों की जांच की गई।
इनमें 47 जगह पर अधिक धूल, 105 पर मध्यम और 151 पर कम धूल पाई गई, जबकि 97 स्थानों पर कोई धूल नहीं दिखी। बैठक में 22 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच किए गए निरीक्षण और प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा की गई। इस अवधि में सीएक्यूएम की फ्लाइंग स्क्वॉड ने उद्योगों, डीजल जनरेटर सेट, निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों, सड़क की धूल, बायोमास जलाने और नगर निगम कचरे से जुड़े मामलों की जांच की।
कई जगह किया निरीक्षण
रिपोर्ट के अनुसार, 152 औद्योगिक इकाइयों, 23 डीजल जनरेटर सेट और 33 निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया गया। इसके अलावा, हरियाणा के नूंह जिले में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसमें 10 फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा 105 निरीक्षण किए गए। दिल्ली में भी बायोमास जलाने और कचरा जमा होने की घटनाओं को लेकर विशेष अभियान चलाए गए, जिनमें 66 मामलों में बायोमास जलाना और 54 मामलों में कचरा जमा होना सामने आया। आयोग के अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित विभागों से नियमों का सख्ती से पालन, आपसी तालमेल और लगातार निगरानी पर जोर दिया गया है, ताकि एनसीआर में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।
सर्द हवाओं ने गलाया तो राजधानी में ठिठुरे लोग, आज भी कोहरे का यलो अलर्ट
राजधानी एकबार फिर कड़ाके की ठंड की चपेट में है। बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी गलन और हाड़ कंपाने वाली सर्द हवाओं के चलते दिनभर लोग परेशान रहे। सुबह की शुरुआत कोहरे व धुंध के बीच हुई। इससे दृश्यता भी कम रही। हल्के बादलों के चलते के ज्यादातर हिस्सों में धूप नहीं निकली। लेकिन, दोपहर आते-आते सूर्यदेव ने दर्शन तो दिए, लेकिन बर्फीली ठंडी हवाओं ने लोगों को खासा परेशान किया। इससे हल्की धूप में भी सर्दी का अहसास हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के कुछ इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति रही। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 3.3 डिग्री कम के साथ 16.7 रहा। इसके अलावा, न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। यह सामान्य से 1.7 डिग्री रहा। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 100 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 76 प्रतिशत रही। वहीं, रिज में 7.5, आया नगर में 8 और लोधी रोड में 7.7 व पालम में 7.1 न्यूनतम पारा दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में हल्की धुंध के कारण सफदरजंग में सबसे कम दृश्यता 800 मीटर और पालम में 600 मीटर दर्ज की गई।
दिल्ली में आने वाले दिनों में मौसम सामान्य रूप से ठंडा बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 8 से 13 जनवरी के बीच आसमान अधिकतर साफ या हल्के बादलों से ढका रहेगा, लेकिन सुबह के समय कोहरे का असर बना रहेगा। 8 जनवरी को कई इलाकों में हल्का कोहरा और कुछ जगहों पर घना कोहरा देखने को मिल सकता है। ऐसे में मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके बाद 9 से 13 जनवरी तक सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है। दिन के समय अधिकतम तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हवा की गति हल्की से मध्यम रहेगी, जो पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा से चलेगी। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह के समय वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, खासकर हाईवे और खुले इलाकों में, जहां कोहरे के कारण दृश्यता कम हो सकती है।
सीजन का चौथा ठंडा दिन रहा
मौसम विभाग के अनुसार, यह सीजन यानी इस ठंड चौथा कोल्ड डे है। सीजन का दूसरा कोल्ड डे नए साल से ठीक पहले यानी 31 दिसंबर 2025 को रिकॉर्ड किया गया था। 31 दिसंबर 2025 दिल्ली में कई जगहों पर कोल्ड डे और कुछ जगहों पर सीवियर कोल्ड डे की स्थिति देखी गई थी। 31 दिसंबर 2025 को दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री रिकार्ड किया गया था जो सामान्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। यह दिसंबर के सबसे ठंडे दिन के रूप में रिकॉर्ड किया गया था। वहीं, 20 दिसंबर 2025 को भी कोल्ड डे यानी शीत दिवस की स्थिति बनी थी। 20 दिसंबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 16.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था जो सामान्य से 5.3 डिग्री कम रहा।
क्या कहते हैं पिछले आंकड़े?
कड़ाके की ठंड के पिछले आंकड़ों पर गौर करें तो दिसंबर 2014 में अधिकतम तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। इसके बाद साल 2019 में 29 दिसंबर को अधिकतम तापमान 13.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।