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दिल्लीः 10 दिनों बाद राहत की सांस, बारिश ने धोया प्रदूषण, सूचकांक दो पायदान खिसका

Thu, 15 Nov 2018 10:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय राजधानी और आसपास इलाकों में मंगलवार और बुधवार की रात हुई बारिश ने प्रदूषण स्तर को गंभीर श्रेणी से दो पायदान नीचे उतारकर खराब श्रेणी में पहुंचा दिया। दिल्ली-एनसीआर के लोगों ने बृहस्पतिवार को करीब 10 दिन बाद थोड़ी की राहत ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 24 घंटे के औसत आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार (312) की तुलना में करीब 100 अंक लुढ़ककर 217 पर आ गया। यूपी के गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा और हरियाणा में फरीदाबाद, गुरुग्राम की हवा में भी तेजी से सुधार हुआ है। 

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दिल्ली में कुल 26 स्थानों की हवा खराब श्रेणी में रिकॉर्ड हुई। वहीं, दो स्थान बहुत खराब और सात स्थान सामान्य श्रेणी में रहे। कोई भी स्थान गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड नहीं किया गया। दिल्ली का एक्यूआई अक्तूबर से ही गंभीर और बहुत खराब श्रेणी में चल रहा है। सिर्फ 4 नवंबर को दिल्ली का एक्यूआई सबसे कम 171 यानी सामान्य श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया था। इसके बाद अब दिल्ली में एक्यूआई 217 यानी खराब श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया है। 

हवा में घटे खतरनाक प्रदूषण के कण 
दिल्ली-एनसीआर की हवा में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 और 10 का स्तर सामान्य के करीब पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को बेहद महीन प्रदूषण कण पीएम 2.5 का स्तर शाम छह बजे 97.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 2.5 का सामान्य औसत मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इसी तरह मोटे प्रदूषण कण पीएम 10 का स्तर भी 177 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड हुआ। जबकि इसका औसत सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। इस हफ्ते दीवाली के दिन पीएम 2.5 का स्तर 600 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर को छू गया था। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक अगलो दो दिन हवा में पीएम 2.5 का प्रदूषण स्तर और कम हो सकता है।
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पराली का प्रदूषण बिल्कुल खत्म 
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक इस वक्त दिल्ली-एनसीआर में पर्टिकुलेट मैटर 2.5 में पराली की वजह से होने वाली बढ़ोतरी बिल्कुल खत्म हो चुकी है। सफर के मुताबिक, अनुमानित पीएम 2.5 प्रदूषण में सिर्फ एक फीसदी तक पराली का असर बचा है। सफर के मुताबिक मौसम प्रदूषण को घटाने के लिए उतना सहयोगी नहीं था, बावजूद इसके प्रदूषण स्तर में तेजी से गिरावट आई है। मिक्सिंग हाईट बेहतर है और सतह पर चलने वाली हवा की गति भी तेज है। अगले दो दिन ऐसी ही स्थिति रह सकती है। वहीं, हर साल के ट्रेंड को देखते हुए पर्यावरण प्राधिकरण प्रदूषण नियंत्रण (ईपीसीए) ने कहा है कि पराली सिर्फ 1 से 15 नवंबर के बीच जलाई जाती है ऐसे में अब जो भी प्रदूषण होगा उसके स्थानीय कारण ज्यादा होंगे।

दिल्ली-एनसीआर वायु गुणवत्ता सूचकांक 
शहर           एक्यूआई  स्थिति 
             15 नवंबर    14 नवंबर  13 नवंबर   12 नवंबर   11 नवंबर   10 नवंबर    

दिल्ली          217         312        409          399             405            401 
फरीदाबाद      266         339        438         454             461             440     
गाजियाबाद    264         352        438         423             440              403       
नोएडा           229         332        426         401             445               386 
ग्रेटर नोएडा     236         348        411        454            436                420    

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