फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi Pollution: दिल्ली में फिर जहरीली हवा, आज भी AQI 300 के पार; इन इलाकों ही आबोहवा है ज्यादा खराब

Mon, 08 Dec 2025 08:44 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Delhi Air Pollution: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बहुत खराब स्थिति में बना हुआ है। आज सुबह अक्षरधाम इलाके में एक्यूआई 354 दर्ज किया गया। 
विज्ञापन
धुंधला धुंधला सा अक्षरधाम - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली की हवा की गुणवत्ता एक बार फिर गंभीर रूप से बहुत खराब बनी हुई है। शहर के विभिन्न हिस्सों में सुबह के समय जहरीले स्मॉग की एक मोटी परत छा गई, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया है।

विज्ञापन


दिल्ली के इन इलाकों ही आबोहवा है खराब
अक्षरधाम, आनंद विहार और आईटीओ जैसे इलाकों में एक्यूआई 354 दर्ज किया गया, जिसे 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा गया है। इन क्षेत्रों में स्मॉग की सघनता अधिक होने के कारण सांस लेना दूभर हो रहा है। वहीं, इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे इलाकों में एक्यूआई 294 दर्ज किया गया।
 
 

हवा की दिशा बदलने से मिली मामूली राहत
बीते रविवार को दिल्ली में हवा की दिशा में आए बदलाव के कारण प्रदूषण की रफ्तार में मामूली कमी दर्ज की गई है, लेकिन यह राहत अस्थायी साबित हो रही है। रविवार सुबह दिल्ली की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे के साथ हुई, जबकि आसमान में स्मॉग की एक पतली चादर छाई रही, जिससे दृश्यता भी काफी कम रही। इस दौरान लोगों को मास्क का सहारा लेना पड़ा और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एक्यूआई की स्थिति और एनसीआर का हाल
वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 308 दर्ज किया गया, जो "बेहद खराब" श्रेणी में आता है। शनिवार की तुलना में इसमें 22 अंकों की गिरावट देखी गई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में नोएडा सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 317 दर्ज किया गया। गाजियाबाद में यह 315, ग्रेटर नोएडा में 290 और गुरुग्राम में 273 रहा। वहीं, फरीदाबाद की हवा तुलनात्मक रूप से साफ रही, जहां सूचकांक 199 दर्ज किया गया, जो "संतोषजनक" श्रेणी में आता है।
 

इन चीजों से फैल रहा प्रदूषण
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, विभिन्न स्रोतों से होने वाले प्रदूषण में वाहनों का योगदान 16.59% रहा। इसके अलावा, सड़क की धूल से 1.20%, निर्माण गतिविधियों से 2.31%, आवासीय प्रदूषण से 4.05% और पेरिफेरल उद्योगों से 8.108% की भागीदारी दर्ज की गई।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को हवा पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली। अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 850 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड दर्ज किया गया। दोपहर तीन बजे, हवा में पीएम10 की मात्रा 240 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम2.5 की मात्रा 133.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।

सीपीसीबी के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार तक हवा की गुणवत्ता "बेहद खराब" श्रेणी में ही बनी रहने की संभावना है। इससे सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, और लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्याओं का भी अनुभव हो सकता है। कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता "गंभीर" और "बेहद खराब" श्रेणी में दर्ज की गई है।
विज्ञापन

भाजपा का आप पर हमला
इस बीच, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और सौरभ भारद्वाज जैसे नेता विधानसभा चुनावों में मिली हार के बावजूद नकारात्मक बयानबाजी कर रहे हैं। सचदेवा ने कहा कि दिल्ली की जनता जल और वायु प्रदूषण की मौजूदा स्थिति को 15 वर्षों की कांग्रेस और केजरीवाल सरकार की लापरवाही का परिणाम मानती है।

सचदेवा ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने यमुना सफाई के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया, जबकि वायु प्रदूषण और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर कोई प्रभावी काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि छठ पूजा के दौरान भाजपा की रेखा गुप्ता द्वारा यमुना तट पर की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं से बौखलाई आम आदमी पार्टी वासुदेव घाट को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हाल ही में हुए 12 वार्डों के उपचुनाव में सौरभ भारद्वाज के विधानसभा क्षेत्र का ग्रेटर कैलाश वार्ड भी शामिल था और उसमें आप को मिली हार यह दर्शाती है कि जनता उनके व्यवहार से नाराज है। सचदेवा ने कहा कि सौरभ भारद्वाज को 4000 वोटों की इस हार से सबक लेकर अनावश्यक मुद्दों पर बयानबाजी बंद कर लोकहित में काम करना चाहिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें