केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बृहस्पतिवार को बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी। साथ ही, आतिशबाजी और पराली का धुआं हवा को जहरीला बना सकता है। ऐसे में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदूषकों के प्रभावी फैलाव के लिए मौसम संबंधी परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। अगले 6 दिनों तक वायु गुणवत्ता बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में रहने की आशंका है। डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के मुताबिक, बुधवार को हवा में ट्रांसपोर्ट से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 16.218 फीसदी व कूड़ा जलने से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 1.525 फीसदी रही, जबकि मंगलवार को पराली के धुएं की हिस्सेदारी 3.445 फीसदी रही।
गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है आबोहवा
सीपीसीबी के मुताबिक, आनंद विहार व मुंडका में हवा गंभीर श्रेणी तो जहांगीरपुरी, अशोक विहार समेत 12 इलाकों में बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि आया नगर, डीटीयू व आईटीओ सहित 13 इलाकों में हवा खराब रही। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बुधवार को हवा दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पूर्व दिशा की ओर से चली।
एनसीआर में प्रदूषित शहर का एक्यूआई
शहर -- एक्यूआई
दिल्ली -- 307
गाजियाबाद -- 237
नोएडा -- 230
ग्रेटर नोएडा -- 221
गुरुग्राम -- 213
फरीदाबाद -- 181
(नोट: आंकड़े सीपीसीबी के मुताबिक)
दिल्ली में अधिकतम एक्यूआई
-आनंद विहार -- 409
-मुंडका -- 401
-जहांगीरपुरी -- 368
-बवाना -- 350
-रोहिणी -- 343
-सोनिया विहार -- 333
-सिरी फोर्ट -- 298
-मंदिर मार्ग -- 293
(नोट : यह सभी आंकड़े सीपीसीबी के मुताबिक)
दिवाली के दिन एक्यूआई
वर्ष -- एक्यूआई
2023 -- 218 (12 नवंबर)
2022 -- 312 (24 अक्तूबर)
2021 -- 382 (4 नवंबर)
2020 -- 414 (14 नवंबर)
2019 -- 337 (27 नवंबर)
2018 -- 281 (7 नवंबर)
2017 -- 319 (19 अक्तूबर)
2016 -- 431 (31 अक्तूबर)
2015 -- 343 (11 नवंबर)
दिवाली के अगले दिन कितना रहा एक्यूआई
वर्ष -- एक्यूआई
2023 -- 358 (13 नवंबर)
2022 -- 302 (25 अक्तूबर)
2021 -- 462 (5 नवंबर)
2020 -- 435 (15 नवंबर)
2019 -- 368 (28 नवंबर)
2018 -- 390 (8 नवंबर)
2017 -- 403 (20 अक्तूबर)
2016 -- 445 (31 अक्तूबर)
2015 -- 360 (12 नवंबर)
(नोट : यह आंकड़े सीपीसीबी के हैं)