रविवार को हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे से हुई। वहीं, आसमान में कुहासे के साथ स्मॉग की चादर भी दिखाई दी। इसके चलते दृश्यता भी सही रही। इस दौरान लोग मास्क पहने नजर आए। साथ ही, सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 17.30 फीसदी रहा। वहीं, हवा में पराली से होने वाला प्रदूषण 14.55 फीसदी रहा। वहीं, पराली जलाने की 1,725 घटनाएं दर्ज की गई। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 377 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें शनिवार की तुलना में 10 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी ओर, एनसीआर में ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 419 दर्ज किया गया, यह गंभीर श्रेणी है। वहीं, गुरुग्राम में 301 और नोएडा में 385 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 257 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। सीपीसीबी के अनुसार, रविवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1300 मीटर रही। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स 8200 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा।
पीएम10 और पीएम2.5 का स्तर रहा इतना
दूसरी ओर, शाम चार बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 347.1 और पीएम2.5 की मात्रा 209.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। सीपीसीबी के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा गंभीर और कई में बेहद खराब में रिकॉर्ड की गई।