सोमवार को सुबह से ही स्मॉग की चादर छाई रही। ऐसे में वाहन चालकों को अधिक परेशानी का सामना पड़ा। इससे लोगों ने आंखों में जलन महसूस की। हवा की गति कम होने से वायु गुणवत्ता बेहद खराब रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया वैसे ही स्मॉग की स्थित खराब होती गई। देर शाम हवा की गति और कम होने से स्मॉग की परत मोटी हो गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषकों के फैलाव के लिए मौसम संबंधी स्थितियां बेहद प्रतिकूल होने से स्थिति बिगड़ रही है।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के अनुसार, मिक्सिंग डेप्थ 1950 मीटर रही। वहीं, वेंटिलेशन इंडेक्स 12500 घनमीटर प्रति सेकंड रही। 24 घंटे के भीतर वेंटिलेशन इंडेक्स 10,000 घनमीटर प्रति सेकंड रहने का अनुमान है। डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के मुताबिक हवा में ट्रांसपोर्ट से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 16.591 फीसदी, कूड़ा जलने से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 1.501 फीसदी रही। वहीं, रविवार को पराली से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 24.202 प्रतिशत रही।
मंगलवार को भी बेहद खराब श्रेणी में रहेगी हवा
सीपीसीबी के मुताबिक मंगलवार को भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति रहने की आशंका है। रात के समय कुहासा छाया रहेगा। साथ ही, आसमान में स्मॉग छाया रहेगा। सोमवार को हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति 8 से 12 किलोमीटर प्रतिघंटे से रही। इससे स्मॉग रहा। वहीं, मंगलवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा आठ किलोमीटर प्रतिघंटे से चलेंगी। बुधवार को हवाएं विभिन्न दिशाओं की ओर से चल सकती हैं।