केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बुधवार को भी हवा गंभीर श्रेणी में रह सकती है। वहीं, सुबह के समय धुंध के साथ स्मॉग छाए रहने की आशंका है। मौसमी बदलाव से कोहरा और स्मॉग की मार झेलनी पड़ रही है। इससे पालम एयरपोर्ट पर घना से कोहरा छाया रहा। यहां सुबह आठ बजे दृश्यता 600 मीटर दर्ज की गई। वहीं, सफदरजंग एयरपोर्ट पर भी दृश्यता 150 से 200 मीटर दर्ज की गई। जो उसके बाद सुधरकर सुबह साढ़े सात बजे 400 मीटर हो गई। इससे सड़कों पर आवाजाही पर असर पड़ा।
मंगलवार सुबह से लेकर रात तक स्मॉग की चादर छाई रही। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही हल्का स्मॉग छंटने लगा। इसके बाद शाम ढलने के साथ ही स्मॉग की चादर छाने लगी। ऐसे में लोगों को प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर होना पड़ेगा। डिसिजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के मुताबिक हवा में ट्रांसपोर्ट से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 16.787 फीसदी, कूड़ा जलने से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 1.561 फीसदी रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदूषकों के प्रभावी फैलाव के लिए मौसम संबंधी परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। ऐसे में मिक्सिंग हाइट 1520 रही। इससे प्रदूषकों के कण और संघन हो गए। वेंटिलेशन इंडेक्स 6600 घनमीटर प्रति सेकंड रही। 24 घंटे के भीतर वेंटिलेशन इंडेक्स 5200 घनमीटर प्रति सेकंड रहने का अनुमान है।
सभी इलाकों में हवा गंभीर श्रेणी में
आनंद विहार, पटपड़गंज, द्वारका, मुंडका, नेहरू नगर समेत 30 इलाकों में हवा गंभीर श्रेणी में रही। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशाओं की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति 6 से 12 किलोमीटर प्रतिघंटे से रही। बुधवार को हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने का अनुमान है। हवा की गति 8 से 12 किलोमीटर प्रतिघंटे से चलेगी। ऐसे में हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी। बृहस्पतिवार को हवा की चाल 2 से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे रहने का अनुमान है। इस दौरान घने से घना कोहरा छाने का अनुमान है।
ग्रैप लागू होने के बावजूद नहीं दिख रहा असर
बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम को लेकर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू है। इसके बावजूद प्रदूषण की कमी में कोई राहत नहीं मिल रही है। ऐसे में लोग दमघोंटू हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। जिम्मेदार एजेंसियां व विभाग बेखौफ है। निर्माण से लेकर विध्वंस कार्य में प्रतिबंध होने के बावजूद निर्माण कार्य किया जा रहा है।