दिल्ली सरकार की प्रदूषण कम करने की कोशिशों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। जनवरी से मई 2025 के बीच दिल्ली की हवा पहले से साफ हुई है। इसको लेकर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया, इस साल इन पांच महीनों में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 214 रहा।
हवा में मौजूद बेहद छोटे कण पीएम 2.5 की मात्रा भी घटकर 95 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रह गई, जबकि पिछले साल यह 111 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर थी। मंत्री ने इस सुधार का कारण सरकार की वायु प्रदूषण शमन योजना 2025 को दिया। उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर क्लाउड सीडिंग यानी आर्टिफीशियल रेन की तकनीक पर काम हो रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर इससे प्रदूषण पर काबू पाया जा सके।
हवा को साफ करने के लिए तेजी से हो रहे काम
सिरसा ने बताया कि सड़कों की मशीन से सफाई, पोल पर स्प्रिंकलर लगाने और ज्यादा धूल वाले इलाकों में पानी का छिड़काव जैसे काम और तेज किए गए हैं। दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने और गाड़ियों से होने वाले धुएं पर सख्ती से रोक लगाने का काम भी जारी है।
इसके अलावा, कारखानों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सस्टेनेबल तकनीक अपनाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। लैंडफिल से उठने वाली गैसों को रोकने के लिए कचरा निपटान केंद्र बनाए जा रहे हैं।