शहर में लड़कियों की शादी करने की उम्र में आए बदलाव से मां बनने की क्षमता में कमी आने लगी है। देरी से शादी होने के कारण अच्छे गुणवत्ता के अंडाणु घट रहे हैं। इसका खुलासा एम्स के एक शोध से हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई कारणों से लड़कियों की शादी करने की उम्र बढ़ रही है। ऐसी महिलाओं में 31 से 34 साल की उम्र से ओवेरियन रिजर्व (अच्छे गुणवत्ता के अंडाणु) घटने लगते हैं। इस कारण मां बनने की क्षमता कम हो जाती है। अध्ययन के बाद महिलाओं को 31 से 34 वर्ष की उम्र में गर्भधारण करने की सलाह दी गई है।
एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रमुख डाॅ. नीना मल्होत्रा का कहना है कि भविष्य संवारने व नौकरी पेशा के लिए लड़कियां देर से शादी कर रही हैं। ऐसी महिलाएं 38 से 40 साल की उम्र में बच्चा न होने की शिकायत के बाद आइवीएफ के लिए पहुंचती हैं।
इस समस्या को देखते हुए भारतीय महिलाओं में ओवेरियन रिजर्व कम होने का कटआफ उम्र पता लगाने के लिए 3240 महिलाओं का अध्ययन किया गया। इसमें शामिल 1902 महिलाएं इनफर्टिलिटी की समस्या से पीड़ित थी। जबकि 1338 महिलाएं सही थी या कम से कम एक प्रेग्नेंसी हो चुकी थी।
इस अध्ययन में शामिल सभी महिलाओं का ब्लड सैंपल लेकर एंट्रल फालिकल काउंट (एएफसी) व एंटी-मुलेरियन हार्मोंस (एएमएच) जांच की गई। अध्ययन में पाया गया कि स्वस्थ महिलाओं में 31 वर्ष की उम्र के बाद ओवेरियन रिजर्व घटने लगता है। वहीं इनफर्टिलिटी से पीड़ित महिलाओं में 34 वर्ष की उम्र से ओवेरियन रिजर्व कम होने लगता है।