एम्स प्रशासन की मानें तो सर्वर को फिर से शुरू करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही सर्वर फिर से पहले की तरह काम करना शुरू कर देगा। वहीं ठप हुए सर्वर सुविधा को देखते हुए एम्स ने अस्पताल परिसर में निजी नेटवर्क के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में साइबर अटैक के बाद बुधवार को भी ऑनलाइन सेवाएं शुरू नहीं हो पाई। ऑनलाइन सेवाओं के अभाव में बुधवार को मैनुअली काम किया गया। सुबह मरीजों की पर्ची बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाया गया, जबकि जांच व अन्य के लिए गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी गई।
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एम्स प्रशासन की मानें तो सर्वर को फिर से शुरू करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही सर्वर फिर से पहले की तरह काम करना शुरू कर देगा। वहीं ठप हुए सर्वर सुविधा को देखते हुए एम्स ने अस्पताल परिसर में निजी नेटवर्क के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है।
एम्स कंप्यूटर संकाय के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. विवेक गुप्ता ने आदेश जारी कर एम्स परिसर में किसी भी प्रकार से निजी राउटर या हब के इस्तोमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही कहा है कि एम्स परिसर में इस्तेमाल किए जा रहे सिस्टम को फोन हॉटस्पॉट से जोड़ा नहीं जा सकता। बता दें कि सर्वर ठप होने के बाद से एम्स की ऑनलाइन सेवा पूरी तरह से प्रभावित है।