स्वच्छता और पर्याप्त चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। एम्स पिछले दो वर्षों से देश में पहले स्थान पर है। अब वर्ष 2018-19 के लिए भी दिल्ली एम्स को सर्वश्रेष्ठ अस्पताल चुनते हुए कायाकल्प अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एम्स प्रबंधन को 3 करोड़ रुपये धनराशि का चेक देते हुए सम्मानित किया। केंद्र सरकार के अस्पतालों में दिल्ली एम्स प्रथम, पुड्डुचेरी स्थित जेआईपीएमईआर द्वितीय और चंडीगढ़, पीजीआई को तीसरा स्थान मिला है। जबकि दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल को चौथा स्थान मिला है।
देश के जिला अस्पतालों की बात करें तो सरकार ने इस बार 45 जिला अस्पतालों को कायाकल्प अवॉर्ड से सम्मानित किया है। इनमें यूपी, गुजरात और मध्यप्रदेश में सर्वाधिक तीन-तीन अस्पताल शामिल हैं। जबकि दिल्ली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय और मदन मोहन मालवीय अस्पताल को भी सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों की सूची में रखा है।
45 में से 29 जिला अस्पतालों को प्रथम, 14 को द्वितीय और 2 को तृतीय स्थान मिला है। यूपी के पुरस्कृत होने वाले अस्पतालों में छिबड़ा, मऊ को पहला, जिला महिला अस्पताल, ललितपुर को दूसरा और श्रीराम अस्पताल, अयोध्या को तीसरा स्थान मिला है।
केंद्र सरकार के अस्पतालों में एम्स को ए कैटगिरी में प्रथम स्थान मिला है। जबकि कैटगिरी बी में प्रथम स्थान दादर व नागर हवेली के श्री विनोबा भावे सिविल अस्पताल को मिला है। यहां स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छता बेहतर हैं। सरकार ने दो करोड़ रुपये की धनराशि से अस्पताल को अवार्ड दिया है। जबकि इसी कैटगिरी में एम्स भुवनेश्वर को द्वितीय स्थान मिला है।