देश के प्रतिष्ठित एम्स के डॉक्टरों का खुदकुशी करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। एम्स के एक और डॉक्टर ने खुदकुशी कर ली। शुक्रवार दोपहर को जब घर से बदबू आने लगी तब खुदकुशी की इस घटना का खुलासा हुआ। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है।
खुदकुशी करने पहले डाक्टर ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह 60-65 वर्ष जीकर क्या करेंगे। परिजनों से पूछताछ में पता लगा कि वह डिप्रेशन(अवसाद) से पीड़ित थे और कुछ वर्ष पहले उनका इलाज हुआ था। डॉक्टर पहले भी खुदकुशी का प्रयास कर चुके थे। हौजखास थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स में रखवा दिया है। इससे पहले दो डॉक्टर खुदकुशी कर चुके हैं।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि मूलरूप से पंचकूला, चंडीगढ़ निवासी डा. मोहित सिंगला(40) एम्स में पेडियाट्रिक विभाग में डॉक्टर थे। वह गौतमनगर, हौजखास में अकेले रहते थे। अविवाहित डॉक्टर मोहित यहां पर वर्ष 2006 से अकेले रह रहे थे। शुक्रवार दोपहर को उनके घर से बदूब आने लगी तो पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस दरवाजा तोड़कर घर के अंदर घुसी तो वह फांसी पर लटके हुए थे। उन्होंने चुन्नी के जरिए फांसी लगा रखी थी। शव काफी हर हद तक सड़-गल चुका था। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार डॉक्टर के घर से एक कुछ लाइनों का सुसाइड नोट मिला है।
सुसाइड नोट में लिखा हुआ है कि वह 60-65 वर्ष जीकर क्या करेंगे। जीने के लिए 40 वर्ष की उम्र भी बहुत है। अब उनकी जीने की इच्छा खत्म हो गई है। सुसाइड नोट किसी के नाम नहीं लिखा हुआ है। उनके माता-पिता डॉक्टर हैं और वह पीतमपुरा में रहते हैं। उनका छोटा भाई भी डॉक्टर है और छोटे भाई की पत्नी बीएलके कपूर अस्पताल में रेडियोलॉजी डाक्टर है। सूचना के बाद परिजन आ गए थे।
परिजनों बताया कि डाक्टर मोहित का डिप्रेशन का इलाज हुआ था और अभी भी वह डिप्रेशन से पीड़ित थे। डॉक्टर मोहित गत मंगलवार को ड्यूटी पर आखिरी बार एम्स गए थे।
इससे पहले दो डॉक्टर कर चुके हैं खुदकुशी
इससे पहले दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दो डाक्टर खुदकुशी कर चुके हैं। एम्स के एक एमबीबीएस के छात्र विकास ने हॉस्टल से कूदकर 10 अगस्त को खुदकुशी कर ली थी। इससे 25 वर्षीय एक जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर अनुराग ने छात्रावास की दसवीं मंजिल से छलांग लगा ली जिससे उसकी मौत हो गई थी। वह मनोविज्ञान विभाग में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर था।
मध्यप्रदेश से इलाज कराने आए युवक राजमणि से 16 जुलाई को एम्स के बाथरूम में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इससे पहले भी एक अपनी मां का इलाज कराने आई लड़की ने खुदकुशी कर ली थी। छह जुलाई को एम्स के ट्रामा सेंटर से कूदकर पत्रकार ने खुदकुशी कर ली। तीन मार्च को भी दवा की दुकान में काम करने वाले युवक ने खुदकुशी कर ली।