कोरोना मरीजों को लेकर दिल्ली एम्स के डॉक्टर और आईआईटी के इंजीनियरों ने मिलकर एक प्लाज्मा एप तैयार किया है जिसे बुधवार को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने लॉच किया।
इस एप के जरिए प्लाज्मा देने और लेने वाले पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के बाद एप की मदद से दाता तक प्लाज्मा पहुंचाने की जिम्मेदारी डॉक्टरों की होगी। महज एक सप्ताह में तैयार इस मोबाइल एप को कोपल-19 नाम दिया है।
दिल्ली एम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. अभिनव सिंह वर्मा बताते हैं कि अपने भाई तुषार चौधरी की मदद से उन्होंने यह एप तैयार किया है। उनका भाई आईआईटी में छात्र है। पिछले दिनों उसने दिल्ली सरकार के लिए एक एप बनाया है, जिसमें बिस्तरों की जानकारी पता चलती है।
दोनों भाईयों ने मिलकर प्लाज्मा एप पर काम शुरू किया और अब इसे तैयार कर लिया है। इसे एंड्रायड या आईओएस से डाउनलोड किया जा सकता है। डाटा सुरक्षा को लेकर इसे ओटीपी से जोड़ा गया है ताकि दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल नहीं हो सके।
अभी यह एम्स को सेंट्रल में रख कर तैयार किया गया है। प्लाज्मा देने वाले कम हैं तो डॉक्टर ही प्राथमिकता तय करते हुए जरूरी मरीज को सबसे पहले उपलब्ध कराएंगे।