एक तीमारदार ने बताया कि वह अपनी मां को कीमो दिलाने के लिए शुक्रवार सुबह एम्स पहुंचा था। 11 से साढ़े 11 बजे के बीच कमरे में करीब आठ से ज्यादा मरीजों को कीमो देने के लिए बैठाया गया था। अभी कीमो चढ़ना शुरू ही हुआ था कि अचानक पानी टपकने लगा। सिर पर पहले कुछ बूंदे पड़ी और तेज पानी देख हर किसी के हाथ पैर फूल गए।
सफदरजंग अस्पताल की कैंटीन में लगी आग
दूसरी ओर एम्स के ठीक सामने सफदरजंग अस्पताल में शुक्रवार को आग की खबर ने हड़कंप मचा दिया। अस्पताल परिसर में मौजूद कैंटीन में दोपहर अचानक से आग लग गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंचीं दमकल विभाग की तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया।
अस्पताल प्रशासन और दमकल विभाग के अनुसार इस आग की घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। दमकल विभाग का कहना है कि अस्पताल परिसर में स्थित कैंटीन छत पर कुछ सामान रखा गया था। उसी में आग लगी थी।