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Delhi Accidents: ज्यादातर हादसे के पीछे यही कहानी, काश हेलमेट पहने होते तो बच जाते, डराने वाले हैं आंकड़े

Wed, 29 Apr 2026 08:00 AM IST
Vijay Singh Pundir पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आंकड़ों के अनसुार बिना हेलमेट चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों की संख्या काफी बढ़ी है। वर्ष 2026 में एक जनवरी से 15 अप्रैल तक बिना हेलमेट 424404 दोपहिया वाहन चालक पकड़े गए। इस वर्ष के शुरुआती साढ़े तीन महीनों में ये आंकड़ा सवा चार लाख तक पहुंच गया।
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Accident demo - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुकुंदपुर फ्लाईओवर पर रविवार को हुई सड़क दुर्घटना में युवकों की मौत हो गई। वहीं सोमवार को लुटियंस की दिल्ली में हुई सड़क हादसे में दो चचेरे भाईयों की की मौत हो गई। बड़ा भाई 20 वर्ष का, वहीं 14 वर्ष का था। 

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हालांकि राष्ट्रीय राजधानी में दोपहिया वाहन चालक आरोपी से ज्यादा पीड़ित हैं। सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले दोपहिया वाहन चालकों की संख्या ज्यादा है, जबकि लोगों की जान लेने वाले दोपहिया चालकों की संख्या बहुत कम हैं। खात बात ये है कि बिना हेलमेट चलने वाले दोपहिया वाहनों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है।

दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) नीरज ठाकुर की ने अनुसार आंकड़ों से पता चला कि 2026 में एक जनवरी से लेकर 15 अप्रैल तक सड़क दुर्घटनाओं में 188 दोपहिया वाहन चालकों की मौत हुई है। 2024 में 588 और वर्ष 2025 में 624 दोपहिया वाहन चालकों की मौत हुई थी। हालांकि आरोपी दोपहिया वाहनों में यानी एक जनवरी से 15 अप्रैल तक दोपहिया वाहन से हुई सड़क हादासों में 62 लोगों की मौत हुई है। इस तरह वर्ष 2024 में आरोपी दोपहिया वाहन 187 और वर्ष 2025 में 200 थे।
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आंकड़ों के अनसुार बिना हेलमेट चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों की संख्या काफी बढ़ी है। वर्ष 2026 में एक जनवरी से 15 अप्रैल तक बिना हेलमेट 424404 दोपहिया वाहन चालक पकड़े गए। इस वर्ष के शुरुआती साढ़े तीन महीनों में ये आंकड़ा सवा चार लाख तक पहुंच गया। वर्ष 2024 में बिना हेलमेट 774145 और वर्ष 2025 में 1173797 दोपहिया वाहन चालकों को चालान किया गया।

दोपहिया वाहन चालक इसलिए पीड़ित हैं
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में दोपहिया वाहन चालकों की स्थिति वास्तव में चुनौतीपूर्ण है। वर्ष 2026 के आंकड़ों और हादसों के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि वह अक्सर लापरवाह ड्राइविंग और अव्यवस्थित ट्रैफिक के कारण पीड़ित की भूमिका में ज्यादा नजर आते हैं। दिल्ली में दोपहिया वाहन चालक हिट-एंड-रन और अन्य गाड़ियों (विशेषकर तेज रफ्तार एसयूवी और ट्रकों) की लापरवाही का सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। सड़कों पर खुले गड्ढे (ओपन पिट), खराब सड़क इंजीनियरिंग और गलत साइड से आ रहे वाहन चालकों की वजह से कई बार दोपहिया चालकों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा गलत दिशा में गाड़ी चलाने के लिए की गई विशेष ड्राइव में 2025 के अंत में दोपहिया वाहन चालक सबसे बड़े उल्लंघनकर्ता पाए गए, लेकिन यह तथ्य भी मौजूद है कि वे अक्सर बड़ी गाड़ियों की तेज रफ्तार का शिकार बनते हैं।

इतने दोपहिया वाहन रजिस्टर्ड हैं
मार्च 2026 तक के आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में लगभग 59.27 लाख (5927775) दोपहिया वाहन पंजीकृत हैं, जो कुल वाहनों का लगभग 67.65% हिस्सा हैं। दिल्ली में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या लगभग 87.61 लाख है। दिल्ली की सड़कों पर सबसे ज्यादा हिस्सेदारी दोपहिया वाहनों की है। 15 साल से पुराने पेट्रोल और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बावजूद दोपहिया वाहनों की संख्या में वृद्धि जारी है।

नियम तोड़ने में दोपहिया चालक दूसरे नंबर पर
दिल्ली में 2025-2026 के आंकड़ों के अनुसार, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने में कार चालकों की संख्या सबसे ज्यादा है, इसके बाद दोपहिया वाहन आते हैं। कार चालक सबसे ज्यादा रेड लाइट जंपिंग, गलत साइड ड्राइविंग, तेज गति और गलत पार्किंग जैसे नियमों का उल्लंघन करते हैं। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट न पहनना, ट्रिपल राइडिंग और गलत साइड ड्राइविंग में सबसे आगे हैं।

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