दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और हरियाणा रोडवेज की आपसी लड़ाई में सैकड़ों यात्रियों का पसीना निकल रहा है। रोडवेज ने दिल्ली जाने वाली एसी सिटी बसों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। यात्री नॉन एसी बसों में सफर करने को मजबूर हैं।
बल्लभगढ़ डिपो से दिल्ली के लिए 15 एसी बसों को चलाया जाता है। ये सभी बसें दिल्ली आईएसबीटी तक जाती हैं। लेकिन 12 मई से रोडवेज और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के बीच सिटी बसों के दिल्ली में प्रवेश को लेकर विवाद चल रहा है। बसों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। इसके साथ ही जो कुछ बसें किसी तरह से दिल्ली में जा भी रही हैं तो उन्हें आईएसबीटी तक जाने नहीं दिया जा रहा है।
इस पर विभाग का कहना है कि इन एसी बसों के कारण रोडवेज को आर्थिक घाटा हो रहा है। क्योंकि आईएसबीटी तक का किराया 37 रुपये है। जब यात्री बस में बैठते हैं तो वे बस के स्टाफ से निर्धारित बस स्टॉपेज तक जाने की जिद करते हैं। कारण बताने पर भी यात्री समझते नहीं हैं। पिछले सप्ताह ऐसी कई शिकायतें आई हैं, जहां यात्रियों और बस स्टाफ के बीच कहासुनी हो गई। कई यात्रियों ने स्टाफ से किराया तक वापस ले लिया।
सिटी बस ड्यूटी इंस्पेक्टर देशराज ने बताया कि एसी की जगह नॉन एसी बसों को रूट पर चलाया जा रहा है। वर्तमान में 26 नॉन एसी बसें रूट पर चल रही हैं। जिनमें से 18 बसें मेडिकल और सराय काले खां तक चल रही है। जबकि आठ बसें बदरपुर बॉर्डर से पहले तक ही सेवा मुहैया करवा रही हैं।