कोर्ट के समक्ष भी राणा ने कहा था कि सोमदत्त के साथ आए लोग उसे खींचकर सड़क पर ले गए और लात-घूंसे बरसाए। इसके बाद वह बेहोश हो गया। राणा के भाई ने पुलिस बुलाई और पीसीआर वैन उसे बाड़ा हिंदूराव अस्पताल लेकर गई।
दूसरी ओर, मामले में दोषी सोमदत्त का तर्क था कि राजनीतिक दुश्मनी के कारण यह मामला दर्ज कराया गया है। संजीव राणा भाजपा का सदस्य है और वह उनका टिकट कटवाना चाहता था।
वहीं राणा का कहना था कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े हुए नहीं हैं। एक अन्य चश्मदीद गवाह सुनील ने भी संजीव के आरोपों की अपने बयान में पुष्टि की थी।