सरकार ने बुधवार को कहा कि रेल के माध्यम से लगभग 840 टन बफर प्याज दिल्ली के किशनगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंचा है। 20 अक्टूबर को कांडा एक्सप्रेस के माध्यम से 1,600 टन प्याज के दिल्ली पहुंचने के बाद रेल परिवहन से यह दूसरी बड़ी आपूर्ति है।
प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने की बहु-आयामी रणनीति के तहत सरकार ने इसकी आपूर्ति बढ़ाई है। सरकार ने बुधवार को कहा कि रेल के माध्यम से लगभग 840 टन बफर प्याज दिल्ली के किशनगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंचा है। 20 अक्टूबर को कांडा एक्सप्रेस के माध्यम से 1,600 टन प्याज के दिल्ली पहुंचने के बाद रेल परिवहन से यह दूसरी बड़ी आपूर्ति है।
विज्ञापन
नेफेड ने मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत यह खरीद की है। इसे मुख्य रूप से आजादपुर मंडी के माध्यम से जारी किया जाएगा। इस प्याज का एक हिस्सा खुदरा में 35 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाएगा। वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी के बाजार में प्याज 60-80 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है। आपूर्ति बढ़ने से कीमतें कम होने की उम्मीद है।
सरकार ने पहली बार विभिन्न क्षेत्रों में प्याज को समय पर और कम परिवहन लागत से पहुंचाने के लिए रेल परिवहन का इस्तेमाल किया है। नेफेड ने पहले 26 अक्तूबर को 840 टन प्याज चेन्नई पहुंचाया था, जबकि इतनी ही मात्रा की एक और खेप बुधवार तड़के नासिक से गुवाहाटी के लिए रवाना हुई थी। सरकार ने रबी सीजन के दौरान 4.7 लाख टन का बफर स्टाक बनाया था और 5 सितंबर से खुदरा और थोक चैनलों के माध्यम से जारी करना शुरू किया था। एजेंसी
विज्ञापन
सफल, केंद्रीय भंडार, रिलायंस रिटेल से साझेदारी
नासिक और अन्य केंद्रों से सड़क परिवहन के माध्यम से विभिन्न जगहों के लिए 1.40 लाख टन से अधिक प्याज भेजा गया है। राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) 22 राज्यों में 104 स्थानों तक प्याजा पहुंचाया है, जबकि नेफेड ने 16 राज्यों में 52 स्थानों के लिए प्याज भेजा है। एजेंसियों ने 35 रुपये प्रति किलो खुदरा बिक्री के लिए सफल, केंद्रीय भंडार और रिलायंस रिटेल के साथ साझेदारी की है।