यूपी के बुलंदशहर निवासी विकास यादव हर माह अपनी बेटी को लेकर एम्स आते हैं। इनकी बेटी के दिल में छेद है और उसके दिल का ऑपरेशन करना है। लेकिन पिछले तीन दिन से एम्स में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल के कारण उन्हें बेटी का ऑपरेशन कराए बगैर घर वापस जाना पड़ा।
इन्हें नहीं पता कि दोबारा कब आकर ऑपरेशन कराएं। विकास यादव ने फोन पर बताया कि शुक्रवार को उनकी बेटी का ऑपरेशन होना था। एम्स पहुंचे तो वहां सुरक्षा गार्डों ने अंदर ही नहीं जाने दिया। इमरजेंसी में मौजूद एकमात्र डॉक्टर को उन्हें ऑपरेशन की जानकारी दी तो उसने कहा कि जब तक हड़ताल चलेगी ऑपरेशन नहीं होगा।
जब हड़ताल खत्म हो जाए तब आकर ऑपरेशन की नई तारीख लेना। ठीक ऐसा ही हाल 34 वर्षीय सुबोध का था। बिहार के मुंगेर निवासी सुबोध अपने पिता के ब्रेन का ऑपरेशन कराने के लिए एम्स के रोज धक्के खा रहे हैं।
बीते मंगलवार को डॉक्टरों ने उन्हें ऑपरेशन होने की बात कहते हुए बृहस्पतिवार को बुलाया था। लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल के कारण ये हर दिन एम्स डेट लेने के लिए आ रहे हैं। शनिवार को भी सुबोध डॉक्टरों से मिले तो उन्होंने हड़ताल के बाद आने को कहा।