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दिल्ली: लूटपाट का विरोध करने पर ट्रांसपोर्ट कंपनी के मुनीम पर किये चाकू के 28 वार

Thu, 05 Nov 2020 01:12 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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चाकू
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मोती नगर इलाके में बदमाशों ने लूटपाट का विरोध करने पर ट्रांसपोर्ट कंपनी के मुनीम को चाकूओं से गोद दिया। उसके शरीर पर चाकू के करीब 28 जख्म मिले हैं। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश उसके पास मौजूद करीब सवा दो लाख रुपये लेकर फरार हो गये। पुलिस ने हत्या और लूटपाट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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मृतक की शिनाख्त नत्थूपुरा, बुराड़ी निवासी जितेंद्र शर्मा (32) के रूप में हुई है। वह आजादपुर स्थित हेमुकांत ट्रांसपोर्ट और बम्बई कांडला ट्रांसपोर्ट कंपनी में मुनीम का काम करता था। मंगलवार रात करीब दस बजे विभिन्न लोगों से रुपये कलेक्शन करने के बाद वह मोती नगर की ओर आ रहा था। यह पैसे ट्रक चालकों को देना था। जैसे ही जखीरा फ्लाई ओवर के पास पहुंचा। बाइक सवार बदमाशों ने ओवरटेक कर उसे रोक लिया और उससे बैग छीनने लगे।

जितेंद्र के विरोध करने पर बदमाशों ने उसके पीठ पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, और तब तक उसे मारते रहे जब तक वह अचेत होकर नीचे नहीं गिर गया। ज्यादातर चाकू पीठ, हाथ और जांघ पर मारे गये। घटना को अंजाम देकर बदमाश फरार हो गये। किसी राहगीर ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने जितेंद्र को आचार्य भिक्षु अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से जितेंद्र का मोबाइल फोन और बाइक मिली है। पुलिस बदमाशों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
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घर में कमाने वाला अकेला था जितेंद्र
परिवार वालों ने बताया कि जितेंद्र घर में कमाने वाला अकेला था। उसके पिता राजकुमार शर्मा की पहले ही मौत हो चुकी है। उसके छोटे भाई का कुछ दिन पहले एक्सीडेंट हुआ था। जिसमें उसके सिर में गंभीर चोट लगी थी। जिसकी वजह से वह कोई काम नहीं कर पाता है।

घर की महिलाएं कर रही थी करवा चौथ की तैयारी
घर की महिलाओं ने बताया कि घटना से पहले घर की महिलाएं बाजार गयी थी। जहां से वह महेंदी लगा कर और कपड़े की खरीदारी कर घर आये थे। उनलोगों को रात करीब 11 बजे सूचना मिली कि जितेंद्र का एक्सीडेंट हो गया। जब परिवार वाले आचार्च भिक्षु अस्पताल पहुंचे तब पता चला कि जितेंद्र की मौत हो चुकी है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि बदमाशों ने काफी बर्बरता से जितेंद्र की हत्या की है और उसपर चाकू के 27 से 28 वार किये हैं।

किसी परिचित के वारदात में शामिल होने का शक
शुरूआती जांच के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात में कोई परिचित भी शामिल हो सकता है। क्योंकि बदमाशों ने जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया है। उन्हें इस बात की जानकारी थी कि जितेंद्र के पास पैसे मौजूद हैं। आशंका है कि जितेंद्र की कंपनी में काम करने वाले किसी व्यक्ति ने बदमाशों की इस बात की जानकारी दी होगी। बदमाश जितेंद्र का पीछा कर रहे थे और जखीरा के पास पहुंचने के बाद उनलोगों ने वारदात को अंजाम दिया। घटनास्थल के पास लगा सीसीटीवी कैमरा खराब था। अब पुलिस जितेंद्र के रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगालकर उसका पीछा करने वाले बदमाशों की पहचान करने में जुटी है।

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