पूछताछ में छत्तीसगढ़ के हाईप्रोफाइल चोर लोकेश श्रीवास उर्फ लोकेश्वर उर्फ राजू ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी लोकेश ने दिल्ली की 25 करोड़ की सबसे बड़ी चोरी को बिना किसी डर के अंजाम दिया था। उसे पूरा विश्वास था कि वह पकड़ा नहीं जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की पुलिस के साथ हाईप्रोफाइल चोर लोकेश श्रीवास और उसके दो साथी लोकेश राव एवं शिवा चंदवंशी को गिरफ्तार किया है। दिल्ली की सबसे बड़ी चोरी में शिवा भी आरोपी है। शिवा लोकेश श्रीवास के साथ 9 सितंबर को दिल्ली में रेकी करने आया था। यह लोग जंगपुरा स्थित शोरूम के आसपास भी घूमे थे।
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दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस मामले में आंध्र प्रदेश पुलिस ने छत्तीसगढ़ जाकर सबसे पहले लोकेश राव नाम के लोकेश श्रीवास के साथी को गिरफ्तार किया था। इस साथी ने बताया था कि लोकेश श्रीवास दिल्ली में कोई बड़ी वारदात करने की चर्चा कर रहा था।
इसके बाद पुलिस का ध्यान लोकेश श्रीवास की तरफ गया। लोकेश राव के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने शिवा को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस अपनी मेहनत से लोकेश तक पहुंची है और उसे गिरफ्तार किया है।
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शोरूम में जाते ही सो गया था लोकेश
पूछताछ में छत्तीसगढ़ के हाईप्रोफाइल चोर लोकेश श्रीवास उर्फ लोकेश्वर उर्फ राजू ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी लोकेश ने दिल्ली की 25 करोड़ की सबसे बड़ी चोरी को बिना किसी डर के अंजाम दिया था। उसे पूरा विश्वास था कि वह पकड़ा नहीं जाएगा। रोचक बात ये है कि लोकेश उमराव सिंह ज्वेलरी शोरूम में जाते ही उसने गहने नहीं समेटे, बल्कि वहां जाते ही सो गया। वह अगले दिन सुबह करीब नौ बजे सोकर उठने पर चोरी शुरू की।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोकेश श्रीवास ने पूरी तरह से रैकी की थी और उसके बाद ही शोरूम में अंदर गया था। वह शोरूम में खाना खाकर गया था। उसने जंगपुरा में ही एक ढ़ाबे में खाना खाया था। उसे शोरूम में नीचे पहुंचने में आधा घंटा लगा था। नीचे जाने के बाद वह सोफे पर जाकर आराम से सो गया।
वह अगले दिन सुबह उठा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाईप्रोफाइल चोर ने सोमवार सुबह 11 बजे गहनों को समेटना शुरू किया था। इसके लिए उसने स्ट्रॉग रूम की दीवार को काटा था। शोरूम से पूरे गहने चुराने के बाद वह सोमवार शाम 7.30 बजे फरार हुआ था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक की पूछताछ में मध्यप्रदेश पुलिस को बताया है कि किसी शोरूम में अंदर जाने के बाद चोरी कर वह पड़ोसी इमारत की छत से फरार हो जाता था। दिल्ली पुलिस के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के पास महाचोर को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। लोकेश शोरूम में घुसते हुए व वारदात के बाद निकलते हुए सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है।
वह शोरूम से जिस ऑटो से कश्मीरी गेट बस अड्डा गया था पुलिस को उस ऑटो का नंबर मिल गया है। ऑटो चालक ने आरोपी की पहचान कर ली है। इसके अलावा बस अड्डे पर भी उसकी सीसीटीवी फुटेज मिल गई है। पुलिस को टिकट बुकिंग के सबूत व वहां से लोकेश का मोबाइल नंबर मिल गया है। उसके दोनों फोन की लोकेशन जंगपुरा व कश्मीरी गेट बस अड्डे पर मिली है।
उमराव सिंह शोरूम खुला, ग्राहकों का आवागमन शुरू
उधर, जंगपुरा स्थित उमराव सिंह ज्वेलर्स शोरूम फिर खुल गया है। हालांकि शोरूम से चोरी हुई करीब 25 करोड़ रुपये के आभूषण वापस नहीं मिले है। ऐसे में शोरूम के मालिक महावीर जैन ने अपनी ही अन्य ज्वेलरी को शोरूम में रखकर उसे बिक्री के लिए खोला है। शोरूम में फिर से ग्राहक आने लगे हैं। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद यहां रविवार को एक भी सुरक्षा गार्ड दिखाई नहीं दिया।
शोरूम के मालिक महावीर प्रसाद जैन ने बताया कि त्योहार निकट हैं। इसके चलते ग्राहक दुकान में खरीदारी के लिए वापस आने लगे हैं। अपने स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं। नए सीसीटीवी कैमरे और सिक्योरिटी गार्ड तैनात कर दिए हैं। जब किसी ज्वेलरी का ऑर्डर आता है, तो गोदाम से ही समान विक्रेता तक पहुंचा देते हैं।
उन्होंने बताया कि अभी फिलहाल भरोसेमंद और चुनिंदा ग्राहकों को ही दुकान में प्रवेश दिया जा रहा हैं। जितना माल बिकता है, सिर्फ उतना ही सामान शोरूम में रखा जा रहा है और जो बच जाता है, उसे पैक करके वापस घर ले जाते हैं। उमराव सिंह शोरूम से छत्तीसगढ़ का हाईप्रोफाइल चोर शोरूम से सोने व डायमंड के सभी गहने चुराकर ले गया था।
अन्य दुकानदार भी हुए सचेत
ज्वेलरी शॉप के बगल में घड़ी की दुकान के मालिक अमन ने बताया कि दिल्ली की सबसे बड़ी चोरी से वह भी सचेत हो गए हैं। उन्होंने बताया कि जब से यह वारदात घटी है, तब से वह खासे सतर्क हैं। पहले दुकान में ही कीमती सामान छोड़ कर दुकान बंद कर देते थे, लेकिन अब सारा सामान घर लेकर जाते हैं और अगले दिन वापस लेकर आते हैं।